केदारनाथ। बीते रविवार से 11 वे ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम में मौजूद उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के दोनों मुख्यमंत्री भारी बर्फबारी के कारण केदारनाथ में फंस गए हैं। आज कपाट बंद होने के कार्यक्रम में शामिल होकर उन्हें 7:30 बजे बद्रीनाथ धाम के लिए रवाना होना था लेकिन सुबह से ही जारी केदारनाथ धाम में बर्फबारी के कारण दिल्ली से हवाई उड़ान नहीं भर पा रही हैं जिस कारण दोनों मुख्यमंत्री केदारनाथ धाम में फंस गए हैं।
11500 फीट की ऊंचाई पर मध्य हिमालय में बसे 11वे ज्योतिर्लिंग बाबा केदारनाथ के कपाट आज शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं सुबह 2:00 बजे से ही बाबा केदारनाथ के कपाट बंद होने की प्रक्रिया आरंभ हो गई थी जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत 4:00 बजे तक विशेष पूजा में शामिल रहे। इसके बाद 6:30 बजे केदारनाथ के मुख्य पुजारी शिव शंकर लिंग द्वारा भगवान केदारनाथ मंदिर के गर्भ ग्रह के कपाट बंद किए गए जिसके बाद बाबा के समाधि की पूजा अर्चना की गई। ठीक 8:30 बजे विधि विधान वैदिक मंत्रोचार के साथ बाबा केदारनाथ के कपाट शीतकाल की 6 माह के लिए बंद कर दिए गए हैं। बाबा केदार की जल विक्रम पंचमुखी उत्सव डोली जैसे ही केदारनाथ धाम से अपने शीतकालीन गद्दी स्थल के लिए रवाना हुई पूरा क्षेत्र बम बम भोले के जयकारों से भक्तिमय बन गया। भारी बर्फबारी के कारण पूरा केदारनाथ धाम बर्फ की सफेद चादर से लिपट गया है। हालांकि इससे पहले उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को बद्रीनाथ धाम के लिए रवाना होना था लेकिन बर्फबारी के कारण वह केदारनाथ धाम में ही फंस गए। दोनों सीएम एक बार हेलीपैड के लिए रवाना हो गए थे लेकिन भारी बर्फबारी को देखते हुए हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पाया ऐसे में दोनों मुख्यमंत्री केदारनाथ में मौजूद सेफ हाउस की तरफ लौट गए। आप फिलहाल जब तक मौसम साफ नहीं हो जाता है तब तक दोनों मुख्यमंत्री बाबा केदारनाथ के धाम में मौजूद रहेंगे अथवा पैदल मार्ग से भी निकालने का विकल्प रखा गया है गौरतलब है कि आज दोनों सीएम को 7:30 बजे बद्रीनाथ धाम में पहुंचना था जहां उन्होंने पर्यटन गृह आवास का शिलान्यास करना था।
उल्लेखनीय है कि श्री गंगोत्री धाम के कपाट 15 नवंबर शीतकाल के लिए बंद हो गये। श्री यमुनोत्री धाम के कपाट पूर्वाह्न 12 बजकर 15 मिनट पर बंद हो रहे । श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 19 नवंबर को शायं 3 बजकर 35 मिनट पर बंद होंगे। द्वितीय केदार मद्महेश्वर जी के कपाट भी 19 नवंबर सुबह 7 बजे बंद हो रहे है। मद्महेश्वर मेला 22 नवंबर को आयोजित हो रहा है । तृतीय केदार तुंगनाथ जी के कपाट 4 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद हो गये हैं।
