मौत के मुंह से खींच लाई बहादुरी

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🔥 साहस को दून पुलिस का सलाम 🔥
15 और 10 साल के दो मासूम नायक… एक पल की बहादुरी, बच गई एक ज़िंदगी

देहरादून | 14 जनवरी 2026

कभी-कभी हीरो वर्दी में नहीं होते…
कभी स्कूल बैग टांगे, नन्हे कंधों पर हिम्मत का पहाड़ लिए भी हीरो सामने आ जाते हैं।

डालनवाला की एक सर्द रात…
एक जलता दीया…
और अचानक आग की लपटों में घिरी एक महिला…
अगर कुछ सेकंड और बीत जाते, तो अंजाम कुछ भी हो सकता था।

लेकिन तभी—
दो बच्चे दौड़ पड़े।

🔥 दीये से लगी आग, मौत के मुंह से खींच लाई बहादुरी

दिनांक 21 दिसंबर 2025, रात करीब 10 बजे,
मोहिनी रोड स्थित हरी स्टोर के पास एक ऑफिस के बाहर बैठी महिला की जैकेट में पास जल रहे दीये से अचानक आग लग गई।

महिला चीख भी नहीं पाई…
आग तेजी से शरीर पर फैलने लगी…

👦👦 15 और 10 साल के बच्चों ने दिखाया अद्भुत साहस

उसी वक्त वहां से गुजर रहे थे—
प्रणवत सिंह (15 वर्ष)
दिवजोत सिंह (10 वर्ष)

बिना डरे, बिना सोचे—
दोनों बच्चों ने बुद्धिमत्ता और साहस का परिचय देते हुए
महिला के कपड़ों में लगी आग को अपने हाथों से बुझा दिया।

👉 एक पल की देरी नहीं… और एक जान बच गई।

🙏 “अगर ये बच्चे न होते…”

घटना के बाद स्थानीय लोगों की आंखें नम थीं।
एक बुज़ुर्ग की आवाज़ गूंज उठी—

“आज इंसानियत ज़िंदा है… इन बच्चों की वजह से।”

🏅 SSP दून ने किया सम्मानित

इस साहसिक कार्य का संज्ञान लेते हुए
एसएसपी देहरादून ने आज 14 जनवरी 2026 को
पुलिस कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में
दोनों बहादुर बच्चों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

एसएसपी ने कहा—

“इन बच्चों ने साबित कर दिया कि साहस उम्र का मोहताज नहीं होता।
दून पुलिस ऐसे जज़्बे को सलाम करती है।”

🌟 भविष्य के लिए प्रेरणा

सम्मान समारोह में बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए
उन्हें भविष्य में भी समाज की मदद के लिए आगे आने की प्रेरणा दी गई।

✨ एक सवाल, एक सोच…

जब डर के आगे दुनिया रुक जाती है…
तब हिम्मत अगर आगे बढ़ जाए, तो इतिहास बनता है।
ये हमारी आने वाली पीढ़ी की उम्मीद हैं।

ये सिर्फ दो बच्चे नहीं…
ये दून की पहचान हैं।

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