14 जनवरी से शहर में नो-एंट्री जैसे हालात, जानिए कौन सा रास्ता रहेगा खुला, कहां लगेगा ब्रेक 🚧
उत्तरकाशी।
आस्था, परंपरा और भारी भीड़… माघ मेला–2026 (बाड़ाहाट कू थौलू) के साथ उत्तरकाशी शहर एक बार फिर उत्सव के रंग में डूबने जा रहा है। लेकिन इस उत्सव के बीच लापरवाही नहीं, नियम सबसे ऊपर होंगे। प्रशासन ने साफ कर दिया है—14 जनवरी 2026 से मेला समाप्ति तक शहर का यातायात पूरी तरह बदला रहेगा।
🔴 शहर में प्रवेश से पहले रुकिए, रास्ता बदलिए
मेला क्षेत्र में भीड़ और अव्यवस्था से बचने के लिए पुलिस-प्रशासन ने कड़ा ट्रैफिक प्लान लागू कर दिया है। अब शहर के भीतर वाहन ले जाना आसान नहीं होगा।
“यातायात सुगम रहे और श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो—इसी उद्देश्य से यह डायवर्जन किया गया है,” — पुलिस प्रशासन
🚧 धरासू से आने वालों के लिए बड़ा बदलाव
धरासू की ओर से आने वाला यातायात अब मनेरा बाईपास से डायवर्ट रहेगा।
➡️ माघ मेला आने वाले श्रद्धालु अपने वाहन जोशियाड़ा ट्रक यूनियन पार्किंग में खड़े करेंगे
➡️ इसके बाद पैदल रास्तों से मेला स्थल तक पहुंचना होगा
संदेश साफ है: वाहन नहीं, आस्था पैदल चलेगी।
🚦 भटवाड़ी–गंगोरी रूट वालों के लिए निर्देश
भटवाड़ी और गंगोरी से आने वाले वाहन तेखला बाईपास से डायवर्ट किए जाएंगे।
🚗 पार्किंग होगी—इंद्रावती पार्किंग या जोशियाड़ा पार्किंग
🟡 केवल भटवाड़ी टैक्सी यूनियन के वाहनों को टैक्सी यूनियन तक आने की अनुमति रहेगी।
🅿️ अन्य इलाकों से आने वालों के लिए पार्किंग प्लान
- किशनपुर–मानपुर से आने वालों की पार्किंग ➝ इंद्रावती पार्किंग
- साल्ड–ज्ञानसू की ओर से आने वाले वाहन ➝ दरबार बैण्ड पार्किंग
हर रास्ते पर एक ही संदेश—पहले पार्किंग, फिर मेला।
⚠️ ये नियम हर किसी को जानना जरूरी
❌ सुबह 9 बजे से रात तक बाजार क्षेत्र में भारी वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद
✅ रोटेशन की बसें और आवश्यक सेवाएं इस प्लान से बाहर रहेंगी
🧿 आस्था में अनुशासन, तभी मेला बनेगा यादगार
माघ मेला सिर्फ एक आयोजन नहीं, उत्तरकाशी की आत्मा है।
लेकिन यह आत्मा तभी सुरक्षित रहेगी, जब हर नागरिक नियमों का पालन करेगा।
प्रशासन की अपील:
“यातायात व्यवस्था और पुलिस व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।”
✨ आस्था के इस महापर्व में संयम ही सबसे बड़ी सेवा है।
