विश्व धरोहर फूलों की घाटी नेशनल पार्क कर्मियों एवं स्थानीय पुलना गांव के ग्रामीणों के बीच फिर से विवाद शुरू हो गया है। फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान और घांघरिया के निरीक्षण सहित लंबी दूरी की गश्त के लिए जा रही पार्क कर्मियों की एक टीम का घेराव करना ग्रामीणों को महंगा पड़ सकता है। वन विभाग की तरफ से पुलिस चौकी गोविंदघाट में सरकारी काम में बाधा डालने के मामले मेंं मुकदमा दर्ज कर दिया गया है।
संजय कुँवर पुलना घांघरिया,,,
दरअसल फूलों की घाटी राष्ट्रीय पार्क की 10 सदस्यीय गश्ती दल को पुलना गांव के समीप ग्रामीणों द्वारा घेराव कर रोक दिया गया। सूत्रों की माने तो ग्रामीणों को आशंका थी कि कहीं ये दल घांघरिया स्थित उनके होटलों और भवनों की सीलिंग के लिए जा रही है। वन कर्मियों के घेराव को लेकर पार्क के वन बीट अधिकारी ने सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित अन्य मामले मे थाना गोविंद घाट में पूर्व EDC अध्यक्ष सहित अन्य लोगों पर दर्ज कराये है।
फूलों, की घाटी, राष्ट्रीय पार्क, के लिए वन विभाग की टीम नियमित निरीक्षण और गश्ती हेतु जाती रहती है, इस बार पुलना गाँव पहुँचने पर ग्रामीणों ने उनका घेराव कर लिया।
बन बीट अधिकारी मनोज उनियाल ने बताया कि गांव के ही एक पूर्व ईडीसी अध्यक्ष और अन्य लोगों ने वन कर्मियों से, उनकी पहचान मांगी, और दल, को आगे जाने से रोक दिया। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि कोरोना संक्रमण के चलते पार्क कर्मियों को महज जानकारी और पूछताछ के लिए ही ग्रामीणों द्वारा रोका गया घेराव जैसी कोई घटना से ग्रामीण साफ इंनकार कर रहे है,मामला जो भी हो अब गोविंद घाट पुलिस की जाँच के बाद ही सही तथ्य सामने आ सकेंगे, फिल्हाल आस्था के इस पथ पर मामला फिर से गरमा गया है,