चारधाम यात्राः यात्रियों की संख्या निर्धारित करने का परिवहन संस्थाओं ने किया विरोध

Share Now

ऋषिकेश। उत्तराखंड सरकार की ओर से चार धामों में पहुंचने वाले यात्रियों की संख्या निर्धारित कर दी गई है। परिवहन संस्थाओं ने सरकार के इस आदेश का विरोध किया है। संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति ने सरकार से बिना तैयारी इस आदेश को श्रद्धालुओं के लिए परेशानी खड़ा करने वाला बताया है।

उत्तराखंड सरकार ने आदेश जारी कर प्रतिदिन यमुनोत्री, गंगोत्री, बदरीनाथ और केदारनाथ धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या निर्धारित कर दी है। अचानक आए सरकार के इस आदेश से परिवहन कंपनियों में नाराजगी है। विभिन्न परिवहन कंपनियों से संबंधित चार धाम यात्रा का संचालन करने वाली संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति ने इस आदेश का विरोध कियात्र समिति के अध्यक्ष संजय शास्त्री ने मुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री को पत्र भेजकर कहा की सरकार ने अचानक विभिन्न धामों में श्रद्धालुओं की संख्या निर्धारित कर दी है। अचानक लिए गए इस निर्णय से यात्रा काल में भारी अव्यवस्था फैल सकती है।इस व्यवस्था के अनुपालन के लिए कोई ठोस नीति नहीं बनाई गई है। उन्होंने कहा कि सामान्य यात्रियों के दर्शन की क्या व्यवस्था होगी यह स्पष्ट नहीं है। देश के कई प्रांतों से यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं ने पूर्व में ही रेल, बस,धर्मशाला, आश्रम और होटल बुक करा लिए हैं। सरकार के इस आदेश से उन्हें फिर से इस प्रक्रिया से गुजरना होगा। समिति अध्यक्ष संजय शास्त्री ने कहा कि यमुनोत्री, गंगोत्री और बदरीनाथ में श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए पर्याप्त स्थान है। इतना जरूर है कि केदारनाथ में रुकने की समस्या है। इसके लिए सरकार अलग से नीति बना सकती थी। लेकिन सभी धामों के लिए संख्या का निर्धारण कर देना श्रद्धालुओं के हित में नहीं है। उन्होंने सरकार से इस निर्णय को निरस्त करने की मांग की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!