परमार्थ निकेतन गंगा आरती में शास्त्रीय भजन गायक सूर्यगायत्री ने किया सहभाग

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-एकजुटता और सामूहिकता ही स्थायी शक्ति का स्रोतः स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन के पावन गंगा तट पर होने वाली विश्व विख्यात माँ गंगा जी की आरती में केरल के एक छोटे से गांव से आयी भारत की बेटी 13 वर्ष की सूर्यगायत्री ने सपरिवार सहभाग कर अपने भक्ति संगीत से इस शाम को दैवीय बना दिया। छोटी सी उम्र में ही सूर्य गायत्री ने दुनिया भर के संगीत प्रेमियों के दिलों पर अपने संगीत के द्वारा मानों कब्जा कर लिया हो। सोशल मीडिया साइट पर उनके कई वीडियो उपलब्ध हैं। सूर्य गायत्री की आवाज का माधुर्य ‘परमपराम’- आध्यात्मिक संगीत श्रृंखला के माध्यम से आनन्द लिया जा सकता है जिसे इस्स कर्नाटक संगीतज्ञ द्वारा निर्मित किया गया है।
सूर्य गायत्री अपने परिवार के साथ परमार्थ निकेतन आयी और उन्होंने माँ गंगा के तट और परमार्थ परिसर में अपने आगामी आध्यात्मिक संगीत श्रृंखला वीडियों के कुछ हिस्से की रिकार्डिंग भी की। ‘वंदे गुरु परम्पराम’ सूर्यगायत्री की आध्यात्मिक संगीत श्रृंखला, में विशेष प्रस्तुति है जो संगीतज्ञ कुलदीप एम पई द्वारा निर्मित है।
आज पूरे विश्व में 21 वाँ विश्व कैंसर दिवस मनाया जा रहा है। विश्व कैंसर दिवस का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर संस्थाओं, सरकारों और जनसमुदाय को इस बीमारी के प्रति जागरूक करना तथा कैंसर से होने वाली मौतों को कम करना है। अपनी दिनचर्या में छोटे – छोटे परिवर्तन  कर  कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से बचा जा  सकता है। तनाव मुक्त प्राकृतिक जीवनशैली अपनाकर, नियमित योग व ध्यान शाकाहार, वजन को नियंत्रण में रखना, सक्रिय बने रहना, नियमित स्वास्थ्य जाँच एवं समय-समय पर कैंसर की जाँच कराना, सुरक्षित यौन व्यवहार को अपनाना।  पर्यावरणीय कार्सिनोजेन तत्त्वों के जोखिम से बचाव। धूम्रपान और शराब का सेवन न करना। मसालेदार, तली हुई, संरक्षित और जंक फूड से परहेज करना आदि को अपनाकर स्वस्थ जीवन जिया जा सकता हैं। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि वर्ष 2021, में हम सभी को एक साथ आकर, एकजुट होकर हर समस्या का समाधान करने के लिये संकल्प लेना होगा, क्योंकि एकजुट होकर किया गया हर कार्य बहुत मायने रखता हैं और सकारात्मक परिवर्तन भी कर सकता है। कोविड – 19 ने बता दिया कि एकजुटता और सामूहिकता ही स्थायी शक्ति का स्रोत हैं और प्रत्येक चुनौतियों का सामना करने की मार्ग भी वहीं हैं। वल्र्ड कैंसर डे कि वर्ष 2019 से 2021 तक ‘आई एम एंड आई विल’ थीम रखी गयी थी जिसका यह अंतिम वर्ष है। स्वामी जी ने कहा कि हम सभी एकजुट होकर वह सब कुछ हासिल कर सकते हैं जो हम चाहते हैं और जिसके द्वारा हम सब का भविष्य उज्जवल हो सकता हैं इसलिये आईये अपना थोड़ा-थोड़ा समय देकर कैंसर मुक्त उज्जवल भविष्य के निर्माण हेतु अपना योगदान प्रदान करें तथा प्राकृतिक और योगमय दिनचर्या को अपनायें।

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