कर्णप्रयाग/चमोली|
विकास की रीड सड़क को लेकर सूबे के नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत का सोसल मीडिया पर चल रही खबरों का सज्ञान लिए जाने के बाद आम लोग भी अपने विकास को लेकर जागरूक हो गए है, सतर्क हो गए है | यही वजह है कि पहले ऐसे मामलो पर लेट लतीफी और बहानेबाजी करने वाले जिम्मेदारी अधिकारी भी तत्काल जाँच टीम को लेकर मौके पर पहुचने लगे है |
ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैण की सडक को चमकाने के लिए, कर्णप्रयाग- नैनीताल मार्ग पर बिछते ही उखडने लगा डामर।
उत्तराखण्ड सरकार लगातार सडक निर्माण के लिए के लिए धन दे रही है । लेकिन विभागीय लापरवाही कहे या ठेकेदार की लापरवाही कहे या मौसम की मार कर्णप्रयाग- गैरसैण 27 करोड की लागत से हो रहा कार्य बनते ही उखडने लगा है सोशल मीडिया पर यह चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगो का कहना है कि दो दिनो बाद ही डामर उखडने लगा है। मामला आप नेशनल हाइवे 109 पर कर्णप्रयाग में देख सकते है । करोड़ो रुपये की लागत से किलोमीटर 47 में सड़क पर किया जा रहा घटिया डामर बिछाते ही उखड़ने लगा । जनता द्वारा इसकी शिकायत उपजिलाधिकारी कर्णप्रयाग से की गयी मौके पर जाकर कार्यदायी एजेंसी व विभाग के खिलाप कार्यवाही कर डामर का सेम्पल लैंब भेज दिया है। वही उपजिलाधिकारी का कहना है कि द्वारा संबधित विभाग व ठेकेदार के खिलाफ कार्यवाही की गयी है।
वैभव गुप्ता
