कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष व अन्य नेताओं ने रायपुर क्षेत्र के आपदाग्रस्त गावों का दौरा किया

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देहरादून। उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा ने रायपुर आपदा क्षेत्र के मालदेवता झोल, कुमाल्डा, शेरकी, पीपीसीएल, सरखेत गांवों का सघन दौरा किया व पीड़ितों के घरों में जाकर उनका हालचाल जाना। इस दौरान माहरा ने भारी बरसात एवं दैवीय आपदा से ध्वस्त सौडा पुल एवं विभिन्न क्षेत्रों में जानमाल को हुए नुकसान का जायजा भी लिया। उन्होंने कहा कि किसानों की सैकड़ों बीघा जमीन नदी में समा गई हैं, चार परिवरों के मकान ध्वस्त हुंए हैं,लोग तिरपाल के नीचे खुले आसमान में रहने को मजबूर हैं और जैसे-तैसे रात गुजार रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपदा के कारण लगभग कई लोगों के लापता होने की संभावना जताई जा रही है जिसमें अभी तक 5 लोगों के शव बरामद किये गये है। श्री महरा ने आपदा में मृतक व्यक्तियों के प्रति गहरा शोक व्यक्त करते हुए उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। इस असवर पर उन्हांेने कहा कि पुल बने हुए काफी कम समय हुआ है, परन्तु अधिकारियों एंव ठेकेदारों की मिलीभगत के कारण रोज आये दिन इस तरह के हादसे हो रहे हैं। इससे पहले भी ठीक इसी प्रकार का हादसा ऋषिकेश को जोड़ने वाले पुल का भी हुआ था। परन्तु सरकार ने इससे भी कोई सबक नही लिया।
उन्होंने कहा कि आपदाग्रस्त लोगों को जानमाल के साथ लाखों का नुकसान हुआ है, जिसकी भरपाई करना काफी कठिन है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की लापरवाही के कारण लोगों को समय पर सहायता नही मिल पा रही है, जिससे वहां के लोग अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्हांेने कहा कि यदि प्रशासन व सरकार पहले संज्ञान ले लेती तो ऐसी आपदा से बचा जा सकता था। उन्होंने सरकार से आपदा ग्रस्त लोगों को उचित मुआवजा देने के साथ-साथ उन्हें सुरक्षित स्थान पर स्थानान्तरित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न स्थानों पर फलों व फसलों की भारी बर्वादी हुई है, भूस्खलन से पूरे राज्य में लगभग 200 से अधिक सड़कें बन्द होने के कारण पर्यटकों एवं राज्य की जनता को काफी कठिनाइ्रयों का सामना करना पड़ रहा है।
श्री करन माहरा ने कहा कि ऑलवेदर रोड़ का श्रेय लेने वाली भाजपा सरकार की पोल खुल गई है। उन्होंने कहा कि राज्य की सड़कें जो मैदान व पहाड को जोड़ती है पूरी तरह ध्वस्त होने के कारण जनता को समय से राशन व खाद्य समाग्री उपलब्ध नही हो पा रही है। परन्तु सरकार की कान में जॅू तक नही रेंग रही है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि पर्वतीय जनपदों के सूदर गांवों में फौरी तौर पर तत्काल आवश्यक खाद्य समाग्री उपलब्ध कराई जाय। उन्होंने कहा कि मैदानी क्षेत्रों में भी प्रशासन द्वारा बरसात के निकासी की कोई भी व्यवस्था नही की है। उन्होेंने देहरादून राजधानी का हवाला देते हुए कहा कि शहर में जहॉ-तहॉ सड़कों में जलभराव हो रहा है, सड़कों में जहॉ-तहॉ गड्डे ही गड्डे है जिससे लगातार रोजमर्रा के काम करने वाले लोगों के लिए खतरा बना हुआ है। उन्हांेने आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार स्मार्ट सीटी के नाम पर करोड़ों रूपया बरबाद कर रही है। श्री माहरा ने आपदा से ग्रस्त परिवार को भी उचित मुआवजा दिये जाने की मांग की हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि वे आपदा ग्रस्त लोगों के नुकसान का आंकलन करने हेतु जिला प्रशासन को आवश्यक निर्देश दंे ताकि आपदा से ग्रस्त परिवारों को उचित मुआवजा के साथ सुरक्षित स्थानों पर रखने की व्यवस्था की जा सके। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष संगठ प्रशासन मथुरा दत्त जोशी, महेन्द्र सिह नेगी, डॉ0 जसविन्दर सिंह गोगी, मनीश नागपाल, मीडिया पेनेलिष्ट शिशपाल सिंह बिष्ट, सूरत सिंह नेगी,लाखीराम विजल्वाण, कवीन्द्र सिंह इष्टवाल, नवनीत सती, दिनेश रावत, अशोक गुप्ता, वीर सिंह आदि उपस्थित थे।

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