आखिर वही हुआ जिसको टालने के लिए पूरी कोशिस की गयी थी | रास्ट्रिया पर्व 26 जनवरी पर एक किसान राजनीति की भेंट चढ़ गया | बार्डर पार कर बेरिकेडिंग तोड़ने के दौरान एक किसान की गोली लाग्ने से मौत हो गयी | किसानो का आरोप है कि पुलिस कि गोली से किसान कि मौत हुई है जबकि पुलिस का कहना है कि उनकी तरह से आँसू गैस के गोले दागे गए है | फिलहाल जो भी ही एक परिवार का चूल्हा आज बुझ गया |
हरीश असवाल नयी दिल्ली
72वें गणतंत्र दिवस पर किसानों और पुलिस के बीच काफी नोकझोंक हुई है। इस नोकझोंक के बीच पुलिस ने किसानों पर आंसू गैस के गोले दागे और काफी जगह लाठीचार्ज भी की है। इसी बीच एक किसान की कथित रूप से पुलिस की गोली लगने से मौत हो गई है। दिल्ली में किसान संगठनों गणतंत्र दिवस पर जमकर प्रदर्शन किया है।

इस प्रदर्शन में शामिल एक 30 साल के किसान की कथित रूप से पुलिस की गोली लगने से मौत हो गई है। किसान का नाम नवनीत बताया जा रहा है। इस मामले के बाद किसान संगठनों में काफी रोष व्याप्त हो गया है। किसान और पुलिस इस समय बुरी तरह गहमा गहमी हो रही है। यह गोली दिल्ली के आईटीओ पर चली है। किसान संगठनों का दावा है कि 30 साल के नवनीत की मौत पुलिस की गोली लगने से हुई है। हालांकि अभी तक पता नहीं चल पा रहा है कि गोली किस तरफ चली है। किसान की मौत होने के बाद उसके संगठन के साथी उसके शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन कर रहे है। किसानों ने शव को तिरंगे के कफन में बांध दिया है।
गृहमंत्री अमित शाह के आवास पर उच्चस्तरीय सुरक्षा हेतु आपातक़ालीन बैठक
दिल्ली बवाल पर गृह मंत्रालय की बैठक शुरू, दिल्ली के सिंघु, टीकरी और गाजीपुर बॉर्डर, मुकरबा चौक और नांगलोई में रात 12 बजे तक इंटरनेट सेवा बन्द, द्वारका-नजफगढ़ के बीच मेट्रो सेवा बंद, नांगलोई में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प, सूत्रों के मुताबिक पुलिस कर सकती है प्रदर्शनकारियों पर केस दर्ज, सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रहने को कहा गया है
