केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालु जरा संभलकर

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उत्तराखंड: चारधाम यात्रा की तैयारियां जोरों पर है। लेकिन रुद्रप्रयाग में एक दर्जन से ज्यादा स्लाइडिंग जोन हैं, जो कि हल्की बारिश होते ही यात्रियों के लिए मुसीबत का सबब बन जाते हैं। पहाड़ी से मलबे के साथ ही बोल्डरों की बरसात शुरू हो जाती है। जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। हाईवे पर वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होती है। इन दिनों चारधाम परियोजना के तहत हाईवे के चौड़ीकरण का काम चल रहा है। जिससे पुराने स्लाइडिंग जोन एक्टिव हुए हैं साथ ही नए जोन भी बन गए हैं, जो कि बरसात आते ही आफत का सबब बन जाते हैं। चारधाम परियोजना के तहत रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक 70 किलोमीटर लंबे निर्माणाधीन गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर चौड़ीकरण कार्य के चलते पिछले 3 साल में कुल 1 दर्जन से ज्यादा डेंजर जोन विकसित हुए हैं। आपको बता दे कि रुद्रप्रयाग से सोनप्रयाग के बीच रामपुर, नारायणकोटी, सिल्ली, सौड़ी, चंद्रापुरी, गबनी गांव, बांसवाड़ा, भीरी, मुनकटिया, बडासू, चंडिकाधार, सेमी और डोलिया मंदिर डेंजर जोन हैं। एनएच के अधिशासी अभियंता बलराम मिश्रा का कहना हैं कि बद्रीनाथ व गौरीकुंड हाईवे पर डेंजर जोन का सर्वे हो चुका है। स्वीकृति मिलने के बाद स्लाइडिंग जोन का ट्रीटमेंट कार्य किया जाएगा।

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