डीएम ने की आपदा से निपटने को की जा रही तैयारियों की समीक्षा

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रूद्रपुर। जिलाधिकारी युगल किशोर पन्त ने मंगलवार को मानसून काल के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने हेतु की जा रही तैयारियों की गहनता से समीक्षा की। जिलाधिकारी ने समीक्षा के दौरान निर्देशित करते हुए कहा कि सभी अधिकारी आईआरएस सिस्टम में सौंपे गए दायित्वों का आपदा के दौरान बखूबी निर्वहन करना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि पिछली आपदा से सीख लेते हुए कार्य करना सुनिश्चत करें। उन्होंने निर्देश दिये कि आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्य हेतु रेस्पोंस टाईम कम से कम हो। उन्होंने अहैतुक धनराशि की डिमाण्ड करने के निर्देश सभी उप जिलाधिकारियों को दिये।
जिलाधिकारी ने कार्मिकों की सूची उप जिलाधिकारी सदर कार्यालय में उपलब्ध न कराने पर मुख्य शिक्षा अधिकारी को आपदा प्रबन्धन अधिनियम के अन्तर्गत नोटिस जारी करने के निर्देश उप जिलाधिकारी एवं उप जिला मजिस्ट्रेट सदर को दिये। उन्होंने गिरासु भवनों का चिन्हीकरण करते हुए, उन्हें तत्काल बन्द करने के निर्देश शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिये। उन्होंने नगर पंचायतों, नगर पालिकाओं तथा नगर निगम के अधिकारियों को भी गिरासु भवनों को चिन्हित करते हुए उन्हें खाली कराने के निर्देश दिये।
उन्होंने नगर पालिकाओं, नगर निगमो तथा नगर पंचायतों को जल निकासी हेतु कार्य योजना तैयार करने एवं पानी की निकासी हेतु नालों की सफाई करने के निर्देश दिये। उन्होंने नगर निगम काशीपुर तथा रूद्रपुर को जल निकासी हेतु कारगर जल निकासी योजना तैयार करने, पम्प सैट की व्यवस्था करने, पशु एम्बुलेंस की व्यवस्था करने के निर्देश दिये। उन्होंने जनपद के सभी प्रभागीय वनाधिकारियों को आगामी बैठको में अनिवार्य रूप से बुलाने के निर्देश जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी को दिये। उन्होंने जसपुर से लेकर खटीमा तक सभी क्षेत्रों में कम से कम दस व्यक्तियों को सांप पकड़ने का प्रशिक्षण देने तथा वन विभाग के समस्त कार्मिकों की सूची जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण कार्याल में उपलब्ध कराने के निर्देश वन विभाग के अधिकारियों को दिये। उन्होंने वन तथा एनएचएआई के अधिकारियों को खतरनाक पेड़ों का चिन्हीकरण करते हुए पातन कराने के निर्देश दिये। उन्होंने विद्युल लाइनों के पास लगे पेड़ों की लॉपिंग करने तथा बिजली घरों को जल भराव से बचाने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश अधिशासी अभियंता विद्युत को दिये। उन्होंने सुल्तानपुर पट्टी के पास कोसी नदी क्षेत्र में स्थापित हाईटेंशन टावर के पास किसी भी दशा में खनन न होने देने एवं हाई टेंशन लाइन को सुरक्षित रखने के निर्देश अधिशासी अभियंता विद्युत तथा उप जिलाधिकारी काशीपुर को दिये। उन्होंने जल संस्थान के अधिकारियों को पर्याप्त मात्रा में वाटर टैंको की व्यवस्था के साथ ही लचीले पाइपों की भी व्यवस्था रखने के निर्देश दिये।
उन्होंने प्रत्येक गैस एजेंसी पर 20-20 गैस सिलेण्डर रिजर्व रखने तथा आवश्यक सामान की रखीद हेतु वेण्डर चिन्हित करने, पहाड़ी क्षेत्रों में मांग के अनुरूप तुरन्त सप्लाई हेतु तिरपाल, टेण्ट सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाऐं बनाए रखने, खान-पान एवं मैस संचालन की व्यवस्था हेतु स्थल चिन्हित करने के निर्देश जिला पूर्ति अधिकारी को दिये। उन्होंने आवश्यक दवाईयां एम्बुलेंस सहित अस्थायी अस्पताल संचालन हेतु स्थान चिन्हित करने, आपदा के समय निजि चिकित्सालयों के डॉक्टर्स की सेवाएं लेने हेतु आपदा प्रबन्धन अधिनियम के अन्तर्गत डॉक्टर्स से टाई-अप करने के निर्देश मुख्य चिकित्साधिकारी को दिये। उन्होंने पशुओं में मौसम जनित बामारियों के उपचार हेतु आवश्यक दवाईयां रखने, दुर्घटना की स्थिति में पशुओं का मौके पर ही पोस्टमार्टम की व्यवस्था करने, आपदा के समय स्वयं सुरक्षित स्थानों पर जाने के साथ ही जानवरों को भी खोलकर सुरक्षित स्थानो पर जाने के प्रति जनता को जागरूक करने के निर्देश मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को दिये। बैठक में राज्य आपदा सलाहकार आरएस राणा ने जनपद की आपदा कार्य योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बैठक में आईआरएस (इंसीडैंट रेस्पोंस सिस्टम) के रेस्पोंसीबल ऑफीसर एवं जिलाधिकारी युगल किशोर पन्त, इंसीडेंट कमाण्डर एवं अपर जिलाधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्र, लाइजनिंग ऑफीसर एवं उप जिलाधिकार सदर प्रत्यूष सिंह, सेफ्टी ऑफीसर एवं एएसपी मनोज कत्याल, आदि उपस्थित थे।

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