“DM ने कहा – विभाग खुद मॉनिटर करें साइट, ठेकेदार के भरोसे न छोड़ें”

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स्थान: देहरादून


सड़कों पर अव्यवस्था दिखेगी तो होगी एफआईआर – डीएम सविन बंसल ने दिए सख्त निर्देश

“ठेकेदार के भरोसे काम छोड़ने वालों को नहीं मिलेगी राहत, लापरवाही पर मुकदमा तय”


देहरादून में जारी विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी सविन बंसल ने सख्त लहजे में साफ कर दिया कि जन सुरक्षा से खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब सड़कों की अव्यवस्था खुद वरिष्ठ अधिकारियों को दिख रही है, तो फिर विभाग के जेई, एई और एसई जैसे अधिकारियों की जिम्मेदारी क्या है?


⚠️ खुला गड्ढा, फैला मलबा या खुली तारें… मिलेगा नोटिस, दर्ज होगा मुकदमा

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अगर सड़क पर कहीं भी जानलेवा हालात, जैसे खुला गड्ढा, फैली हुई मिट्टी या खुले बिजली के तार पाए गए, तो जिम्मेदार विभाग पर एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, उस कार्यदायी संस्था को ब्लैकलिस्ट करने की संस्तुति भी की जाएगी।


🛠️ ठेकेदार को काम सौंप कर इतिश्री न समझे विभाग

डीएम बंसल ने दो टूक कहा – “सिर्फ टेंडर जारी कर देना विभागीय जिम्मेदारी से मुक्त नहीं करता।”
हर साइट पर विभागीय अधिकारी की मौजूदगी अनिवार्य है और कोई भी काम बिना सुरक्षा मानकों के रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक ही किया जा सकता है।


15 जून तक कार्य पूरे करने का अल्टीमेटम

जिलाधिकारी ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि मानसून से पहले, यानी 15 जून 2025 तक, सभी भूमिगत पाइपलाइन बिछाने के कार्य — चाहे वह बिजली, गैस, पानी, सीवर या ओएफसी हों — हर हाल में मानक के अनुरूप और समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं।


📋 सुरक्षा-प्रबंधन नहीं हुआ तो भरना होगा जुर्माना

  • हर साइट पर बेरिकेडिंग अनिवार्य
  • काम के बाद सड़क से मलबा हटाना अनिवार्य
  • सड़क रिस्टोरेशन निर्धारित मापदंडों के अनुसार ही हो
  • नहीं तो विभाग को जुर्माना और जवाबदेही के लिए तैयार रहना होगा

👮‍♀️ QRT और ट्रैफिक पुलिस रखेंगी निगरानी

जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए डीएम ने त्वरित प्रतिक्रिया टीम (QRT) और ट्रैफिक पुलिस को निर्देशित किया कि वे सड़कों पर हो रहे कार्यों की नियमित निगरानी करें ताकि आम जनता को न्यूनतम असुविधा हो।


🧩 बैठक में शामिल विभाग और संस्थान:

  • एफआईयू उत्तराखंड जल संस्थान
  • पीआईयू उत्तराखंड पेयजल संसाधन
  • पिटकुल, पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया
  • गेल गैस लिमिटेड, रिलायंस जियो
  • स्मार्ट सिटी परियोजना, नगर निगम आदि

🗣️ Meru Raibar की विशेष टिप्पणी:

शहर में तेजी से चल रहे विकास कार्यों के बीच डीएम सविन बंसल का यह सख्त रुख दिखाता है कि अब ‘दिखावटी प्रगति’ नहीं, बल्कि जमीनी बदलाव पर फोकस है। जनता की सुरक्षा और सुविधा से कोई समझौता नहीं होगा।


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