खबर का असर – धारचूला के कुलागाड में तैनात हुए अधिकारी

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मेरु रेबार की खबर का एक बार फिर से असर हुआ है | धारचूला के  कुलागाड में पुल ध्वस्त होने के बाद संबन्धित विभाग मौके पर तैनात हो गए है |

पिथोरागढ़ जिले से  चायना बोर्डर को जाने वाली रोड  धारचूला के  कुलागाड में बीआरओ ने पुल ध्वस्त हुए पुल  निर्माण के लिए कार्य सुरू कर दिया है |

नदीम परवेज़ धारचूला

धारचूला में बीते दिनों भारी बारिश में बी आर ओ का लिपूलेख – चायना बोर्डर सडक के कूलागड का 48 मी लम्बा सीमेंट पुल बह गया था। पिछले दस दिनों से जनता जहां की तहां फंस कर रह गयी थी । स्थानीय युवाओ के साथ CBTS की टीम ने मिलकर नदी के आर पार बिजली के खम्भे डाल कर आवाजही के लायक  अस्थाई पुल का  निर्माण किया, ताकि  स्थान स्थान पर फंसे हुए लोगो को सुरक्षित स्थानों पर लाया जा सके  |  इसके बाद पैदल अवागमन तो सूचारू हुआ पर हिलती- डुलती रस्सियों के सहारे उफनती नदी को पार करना किसी साहसिक पर्यटन से कम नहीं है | महिलाओ और  बच्चों को CBTS के युवा   रौक क्लाइंबिंग की तर्ज  पर नाला पार कराने मे जूते हुए है |  कला बराल के ग्रामीण  अन्य लोग के साथ रोज ग्रामीणो  को आर- पार करवा रहे है  ।

बुधवार को  बीआरओ ने भी  युद्ध स्तर पर  बैली ब्रिज का निर्माण कार्य शुरू कर दिया  है । मौके पर  बीआरओ के अधिकारियों ने डेरा दाल दिया है।

बीआरओ की माने तो पुल का स्पान पहले 48 मीटर से बढ़कर 57 मीटर हो गया है लिहाजा 7 से 8 दिन का समय पुल निर्माण मे लग सकता है |इस दौरान कई किमी पैदल चलकर आ रहे ग्रामीणो और   राहगीरों के भोजन और चाय – पानी का इंतजाम स्थानीय जायका टीम की महिलाओ  ने सम्भाल रखा है जो रोजाना  करीब 500 जरूरतमंदों  को भोजन करा रहे हैं । साथ ही कोल्डड्रिंक ,पानी ,आदी भी मुफ्त में बांट रहे हे । सी बी टी एस की टीम ओर जायका की टीम के इस कार्य की ग्रामीणो ने सराहना की है ।

जिला  प्रशासन ने भी पैदल मार्ग निर्माण कार्य आज से  शुरू किया है ।

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