धू-धू कर जले रावण, मेघनाथ व कुंभकर्ण के पुतले

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देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड में दशहरा का पर्व धूमधाम से मनाया गया। पहाड़ से लेकर मैदान तक दशहरे की धूम रही। देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, उत्तरकाशी समेत विभिन्न स्थानों पर रावण का पुतला दहन किया गया। देहरादून के परेड ग्राउंड में सबसे ऊंचे 131 फीट के रावण का पुतला दहन किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रिमोट का बटन दबाकर रावण के पुतले का दहन किया। इसमें इको फ्रेंडली पटाखों का प्रयोग किया गया था। जिससे ग्राउंड में लगी कीमती घास को भी नुकसान न हो। सीएम धामी ने प्रदेशवासियों को विजयदशमी की बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयदशमी का पर्व अधर्म पर धर्म, बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है।
आज जरूरत इस बात की है कि हम अपने जीवन में अहंकार से मुक्त होकर सच्चाई के रास्ते पर चलें और प्रदेश व देश की सामाजिक समरसता के लिए मिलजुल कर कार्य करें। इस बार का रावण का पुतला बेहद खास बनाया गया था। इंदिरा नगर कॉलोनी ग्राउंड में 55 फीट ऊंचे रावण के पुतले को फूंका गया। शिवालिक इंटरनेशनल स्कूल पटेलनगर में 51 फीट ऊंचे रावण के पुतला जलाया जलाया गया। रावण की कीमत 20 से 25 लाख रुपये बताई जा रही है। यह पुतला रिमोट वाले दस गोलों से जला। इस बार रावण का वजह 50 कुंतल था। इसमें 30 कुंतल सरिया व लकड़ी लगाई गई। रावण को बनाने में पांच हजार मीटर कपड़ा लगाया गया था। ऊपर कागज की जगह सनील के कपड़े का प्रयोग किया गया।

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