वनाग्नि की रोकथाम के लिए ग्राम पंचायत स्तर के अधिकारियों बनेंगे नोडल अधिकारी – आयुक्त कुमाऊ

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गर्मी के बढ़ते प्रकोप के कारण पेयजल आपूर्ति व वनाग्नि की रोकथाम की तैयारियों को लेकर आयुक्त कुमाऊ दीपक रावत ने कुमाऊ मंडल के जिलाधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जानकारी ली। वीसी के दौरान अग्नि सुरक्षा योजना के उद्देश्य, दावाग्नि के प्रकार, इसके कारण, वन अग्नि दुर्घटना के दुष्परिणाम व नियंत्रण के उपाय सहित वनाग्नि काल 2022 की चुनौतियों को लेकर आवश्यक चर्चा की गयी।


आयुक्त ने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी जिलों में वनाग्नि की रोकथाम व त्वरित घटना की सूचना हेतु ग्राम पंचायत स्तर के अधिकारियों को शीघ्र नोडल अधिकारी नामित किया जाए जिससे वनाग्नि जैसी घटना के होने पर प्राथमिक सूचना प्राप्त हो सके व नुकसान को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि वनाग्नि को रोकने हेतु भौतिक संसाधन व उपकरणों के संचालन हेतु मानवीय संसाधन को चिन्हित करने, वनाग्नि सम्बन्धी प्रकरणों को जनसामान्य के मध्य अधिकाधिक प्रचारित किया जाय। इसके साथ ही आम जनमानस क्षेत्र में लगने वाली वनाग्नि की सूचना वन विभाग या कंट्रोल रूम को ससमय पहुँचा सके, इसके लिए कंट्रोल रूम के नम्बरों का प्रचार प्रसार करने, विद्युत विभाग को वृक्षों की लॉपिंग करने, वन विभाग को प्रत्येक वनाग्नि की घटना की रिपोर्टिंग करने के निर्देश दिए।
इसके पश्चात गर्मी के बढ़ते प्रकोप में पानी की किल्लत न हो सके इसके लिए पर्याप्त संख्या में पानी के टैंकरों की व्यवस्था करने, अवैध रूप से संचालित हो रहे पेयजल कनेक्शन पर कार्रवाई करने के निर्देश अधिशासी अभियंता जल संस्थान को दिए।
वीसी में जिलाधिकारी धीराज सिहगर्ब्याल   ने बताया कि जनपद में जलसंस्थान द्वारा 18 कंट्रोल रूम बनाए गए है जो कि 24ग7 संचालित रहेंगे ।
इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट, अपर आयुक्त प्रकाश चन्द्र, अपर जिलाधिकारी अशोक जोशी, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान विशाल सक्सेना, उप जिलाधिकारी रेखा कोहली, गौरव चटवाल, योगेश मेहरा, सिटी मजिस्टेट ऋचा सिह, एसडीओ तराई पूर्वी डिवीजन डी एस मर्तोलिया के अलावा जलसंस्थान, जलनिगम, वन महकमे के अधिकारी उपस्थित थे।

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