धूम सिंह नेगी को प्रदान किया गया हिमालय प्रहरी सम्मान

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देहरादून। प्रसिद् पर्यावरणविद व पद्मविभूषित सुन्दरलाल बहुगुणा की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर पद्मविभूषित सुन्दरलाल बहुगुणा स्मृति सम्मान व पुस्तक विमोचन किया गया। पद्मविभूषित सुंदर लाल बहुगुणा के आदर्शाें व उनके कार्याें को आधार बनाकर उनकी स्मृति में हिमालय प्रहरी नाम से सम्मान दिया गया है। यह सम्मान इस वर्ष प्रसिद्ध पर्यावरणविद व जमनालाल बजाज पुरस्कार से सम्मनित धूम सिंह नेगी को दिया गया है। श्री नेगी का सम्मान पत्र पर्वतीय विकास शोध केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ० अरविंद दरमोड़ा ने प्रस्तुत किया है। कार्यक्रम की मुख्य अथिति गांधी जी की पुत्री तारा गांधी भट्टाचार्य व कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री बहुगुणा की पत्नी विमला बहुगुणा ने किया है। जबकि कार्यक्रम का संचालन समीर रतूड़ी व राजीव नयन बहुगुणा ने संयुक्त रूप से किया।
बता दें कि यह पुरस्कार सुन्दरलाल बहुगुणा जी के द्वारा 1992 में स्थापित हिमालय बचाओ आन्दोलन द्वारा दिया गया है। इस कार्यक्रम में बहुगुणा जी के साथ जुड़े अनेक बुद्धिजीवी व विभिन्न वर्ग के लोगों के लेख का संकलन कर पुस्तक मधू पाठक द्वारा लिखित संकल्प के हिमालय सुन्दरलाल बहुगुणा व जार्ज जेम्स की पुस्तक पारिस्थिकी, स्थायी आर्थिकी है जिसका हिन्दी अनुवाद डा अर्चना बहुगुणा द्वारा किया का विमोचन  हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महात्मा गांधी जी की पौत्री  तारा गाँधी भट्टाचार्य जी ने कहा की बहुगुणा जी को जब पहली बार  मिली तो मुझे फ़कीरी के भेष मे बादशाह दिखा। उन्होंने कहा कि बापू जी के पीछे कस्तूरबा थी तो सुन्दर लाल बहुगुणा जी के पीछे विमला बहुगुणा थी।  उन्होंने कहा की जिनमे मौलिकता होती है वही गाँधी को समझ पाता है। सुन्दर लाल बहुगुणा जी व गाँधी मे काफी समानता थी। कार्यक्रम में शामिल राधा बहन (लक्ष्मी आश्रम कौसानी) ने कहा कि सुन्दर लाल बहुगुणा को नापना कठिन है। उन्हांेने समाज व्याप्त विभिन्न समस्याएँ को लेकर विभिन्न आन्दोलन किये उनको चिपको य टिहरी बान्ध आन्दोलन तक ही सिमित नही रखा जा सकता है। मैगसेसे पुरस्कार से सम्मनित जलपुरुष राजेन्द्र सिंह ने श्रदांजलि देते कहा की हम लोग कम से कम उनके बताये एक काम को जीवन मे जरुर करेें। उन्होंने कहा मैं तो नदियो को जीवन देने के काम मे जुटा हंू।
पद्मभूषण डा अनिल जोशी ने कहा की मेरे साथ हमेशा सुन्दर लाल बहुगुणा आशीर्वाद रहा। वे हमेशा गाँव और पर्यावरण के लिये कुछ अच्छा करने का सुझाव देते रहे और उसकी झलक कही न कही हमारे कामों में दिखती है। पिंगलवाडा से आयी ड़ा0 बीबी इन्दर जीत कौर ने कहा कि बहुगुणा जी की जितनी भी किताबे, कामो की रिपोर्ट होती थी उसे हम पुरे देश मे निशुल्क वितरित करते हैं। कार्यक्रम में सुमित्रा धुलिया, नृप सिंह नपलच्याल व नबवेज के डीजी राजेन्द्र डोभाल ने अपने संस्मरण सुनाए। कार्यक्रम में पद्मश्री कल्याण सिंह, बीज बचाओ आन्दोलन के विजय जड़धारी, बीज बम अभियान के द्वारिका प्रसाद सेमवाल, डा अरविन्द दरमोडा, सतेन्दर भंडारी, गंगा बहुगुणा, जे पी मैठाणी, सदन मिश्रा, नीमा बहन, आंदोलनकारी नेत्री शुशीला बलूनी, सामाजिक कार्यकर्ता डॉ फारुख, डॉ भगवती प्रसाद मैठाणी, सुमित्रा धूलिया, डॉ कुड़ियाल, पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़़ी, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, बी पी नौटियाल, हिमला बहन आदि ने भाग लिया। कार्यक्रम मे उपस्थित सभी प्रतिभागियांे का जमनलाल पुरस्कार से सम्मानित विमला बहुगुणा व हिमालय बचाओ आन्दोलन के समीर रतूड़ी ने सभी को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम का आयोजन हिमालय बचाओ आन्दोलन, पर्वतीय नव जीवन मंडल, उतराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रोधोगिकी परिषद, सुन्दरलाल बहुगुणा पर्यावरण सरक्षण एवं शोध प्रतिष्ठान, हैस्को, सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसाइटी, डालियों का दगडया एवं जाड़ी संस्थान उतरकाशी के द्वारा किया गया।

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