भारत चीन सीमा पर विवाद और ड्रैगन की विस्तारवादी नीति को ध्यान मे रखते हुए बार्डर के आसपास के इलाको का बंदोबस्त करते हुए आईटीबीपी और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के इस अभियान मे एक नया रिकॉर्ड कायम हो गया, यह अभियान कई मामलों में महत्वपूर्ण था। इस अभियान दल ने छह सदस्यों द्वारा 6 दिनों में 6 पर्वतों का आरोहण किया जिसकी ऊंचाई 6 हजार मीटर से अधिक है। अभियान दल द्वारा मुलिंगला से यह अभियान आरंभ करते हुए 75 किलोमीटर की दूरी तय कर माणा में समाप्त किया गया ।अभियान दल द्वारा क्षेत्र के स्थित छह चोटियों का भारतीय सीमा की ओर से सीमांकन तथा रूट ओपनिंग कर दिया गया है जिससे भविष्य में दोनों देशों के मध्य कई मामलों में इसका संदर्भ लिया जाएगा|

विश्व पर्वतारोहण के इतिहास में यह पहली बार हुआ कि 5500 से 6000 मीटर के इस दुर्गम क्षेत्र में भारतीय दल द्वारा पेट्रोलिंग के साथ-साथ 6 पर्वतों को सफलतापूर्वक आयोजन किया गया जिसमें क्षेत्र में भारतीयों द्वारा भौतिक निरीक्षण तथा महत्व को दोनों दलों द्वारा समझा गया।
पर्वतारोहण के इतिहास में नए आयाम हासिल करना ही नेहरू पर्वतारोहण संस्थान का मुख्य उद्देश्य है इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए नेहरू पर्वतारोहण संस्थान उत्तरकाशी तथा भारतीय तिब्बत पुलिस बल के साथ संयुक्त रूप से भारतीय चीन सीमा के अंतर्गत वाटर शैड में पेट्रोलिंग कम माउंटेनियरिंग एक्सपीडिशन पर सफलता पाई । आइटीबीपी नार्थ फ्रंट की ओर डीआईजी अपर्णा कुमार और निम की तरफ से कर्नल अमित बिष्ट सेना मेडल प्रधानाचार्य द्वारा दलों को नेतृत्व प्रदान किया गया।
अभियान दल ने इसकी शुरुआत 19 सितंबर 2020 को की थी और 5 अक्टूबर 2020 को इसका सफलतापूर्वक समापन किया गया भारतीय तिब्बत पुलिस की ओर से अधिकारियों तथा अन्य संस्थान की ओर से एक अधिकारी एक जेसीओ एक अन्य सदस्य अभियान में सम्मिलित थे इस अभियान में पेट्रोलिंग के साथ-साथ 6000 मीटर से अधिक ऊंचाई के 6 पदों का सफलतापूर्वक किया गया जो इस प्रकार हैं
यह अभियान कई मामलों में महत्वपूर्ण था इस अभियान दल ने छह सदस्यों द्वारा 6 दिनों में 6 पर्वतों का आरोहण किया जिसकी ऊंचाई 6 हजार मीटर से अधिक है। अभियान दल द्वारा मुलिंगला से यह अभियान आरंभ करते हुए 75 किलोमीटर की दूरी तय कर माणा में समाप्त किया गया अभियान दल द्वारा क्षेत्र के स्थित छह चोटियों का भारतीय सीमा की ओर से सीमांकन तथा रूट ओपनिंग कर दिया गया है जिससे भविष्य में दोनों देशों के मध्य कई मामलों में इसका संदर्भ लिया जाएगा
