तीन जिंदगियों को मिला नया सवेरा – एक बच्चे की मुस्कान, एक श्रद्धालु की जान और एक खोया हुआ पर्स वापस!
केदारनाथ धाम (Meru Raibar)।
उत्तराखंड की पुलिस और होमगार्ड जवानों ने एक बार फिर दिखा दिया कि वे सिर्फ वर्दीधारी नहीं, जिंदगी बचाने वाले देवदूत हैं। आज केदारनाथ यात्रा मार्ग पर तीन ऐसी घटनाएं घटीं जिन्होंने न केवल लोगों की जान बचाई, बल्कि उनके विश्वास और भावनाओं को भी छुआ।
🧒 परिवार से बिछड़ा 10 साल का बच्चा चेतन — पुलिस ने मिलवाया दादा-दादी से
स्थान: गौरीकुंड, घोड़ा पड़ाव चेक पोस्ट
पुलिस टीम: मुख्य आरक्षी कल्याण सिंह व आरक्षी खीम राज भट्ट
उदयपुर, राजस्थान से आये श्रद्धालु दंपत्ति का 10 वर्षीय पोता चेतन केदारनाथ से लौटते समय भीड़ में गौरीकुंड में बिछड़ गया।
परिवार की हालत बदहवास, आंखों में आंसू और जुबान पर बस एक ही सवाल – “मेरा बच्चा कहां है?”
लेकिन घबराने की जरूरत नहीं थी, क्योंकि ड्यूटी पर तैनात पुलिस जवानों ने खोया-पाया केंद्र, व्हाट्सऐप अलर्ट और चौकियों को सतर्क कर कुछ ही समय में बच्चे को सुरक्षित तलाश कर दादा-दादी से मिलवा दिया।
भावुक दंपत्ति ने कहा:
“भगवान के बाद अब हमें पुलिस पर विश्वास है।”
👜 श्रद्धालु का पर्स मंदिर परिसर में खोया — पुलिस ने ढूंढकर लौटाया
एक अन्य घटना में केदारनाथ मंदिर परिसर में दर्शन करने आयी एक श्रद्धालु महिला का कीमती सामानों से भरा पर्स खो गया।
पुलिस जवानों ने बिना देरी किए पूरे क्षेत्र की तलाश कर पर्स को सही-सलामत खोज निकाला और श्रद्धालु को सौंपा।
श्रद्धालु महिला बोलीं:
“यात्रा सफल हुई, पुलिस ने जो सहायता की वो कभी नहीं भूल सकती।”
❤️ होमगार्ड जवान ने हार्ट अटैक से जूझ रहे श्रद्धालु को CPR देकर बचाई जान
स्थान: जंगलचट्टी
श्रद्धालु: सुनील प्रसाद (पूर्वी दिल्ली से)
जवान: होमगार्ड जीतपाल
श्री केदारनाथ धाम से लौटते वक्त जंगलचट्टी में सुनील प्रसाद को अचानक हार्ट अटैक आया।
उनकी पत्नी चीखती रही, मदद की गुहार लगाती रही। तभी वहां ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड जवान जीतपाल ने समय रहते CPR देकर उनकी जान बचा ली।
फिर न सिर्फ उन्हें निकटतम चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाई, बल्कि गौरीकुंड लौटने के लिए कंडी की व्यवस्था भी करवाई।
श्रद्धालु की पत्नी का भावुक बयान:
“अगर जीतपाल जी न होते, तो मैं अपने पति को खो चुकी होती… ये पुलिस नहीं, भगवान हैं।”
🙌 Meru Raibar की ओर से सलाम:
उत्तराखंड पुलिस और होमगार्ड के ये जांबाज़, संवेदनशील और समर्पित जवान न सिर्फ व्यवस्था बनाए रखते हैं, बल्कि लोगों के जीवन का आधार बनते हैं।
