मध्यान भोजन बनने की व्यवस्था को ठेकेदारी पर दिये जाने का किया विरोध

Share Now

टिहरी। उत्तराखंड भोजनमाता कामगार यूनियन टिहरी शाखा की भोजन माताओं ने स्कूलों में मध्यान  भोजन बनने की व्यवस्था को ठेकेदारी पर दिये जाने का विरोध किया है। भोजन माताओं ने सामाजिक सुरक्षा के साथ मानदेय में वृद्धि करने की मांग भी की है।
रविवार को टिहरी जिले के नकोट और खाड़ी क्षेत्रों की भोजन माताओं ने फकोट ब्लॉक के जाजल स्थित राप्रवि मरच्वाड़ी में संगठन ब्लॉक अध्यक्ष सुशीला भंडारी के नेतृत्व में बैठक की। ब्लॉक अध्यक्ष ने कहा कि सरकार मध्यान भोजन व्यवस्था ठेकेदारी पर देने की तैयारी में लगी है, जिसका भोजन माताएं विरोध करेंगी। कहा वर्षों से भोजनमाताएं स्कूलों में भोजन बनने का काम रही हैं, लेकिन सरकार उनको बेरोजगार करने की तैयारी में है। कहा विरोध के बावजूद यदि उक्त व्यवस्था को ठेकदारी प्रथा पर दिया गया तो भोजनमाताओं को मजबूर होकर सड़कों पर उतरने के लिये बाध्य होना पड़ेगा। उन्होंने सरकार से भोजनमाताओं का मानदेय दस हजार रुपये किये जाने के साथ पूरे 12 माह मानदेय दिये जाने की भी मांग की। साथ ही भोजनमाताओं का शोषण बंद करने की मांग भी उठाई। बैठक में विमला भंडारी, सुमति कोठारी, सरस्वती नेगी, मीना नेगी, सुमनीता भंडारी, भवानी देवी, पुष्पा कुकरेती, बुद्धा देवी, विश्नी देवी, तारा देवी, मंजू नौटियाल व सीटू के जिला सचिव चिंतामणी थपलियाल मौजूद थे।

error: Content is protected !!