उत्तरकाशी। चारधाम यात्रा के प्रथम पड़ाव पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव की बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर क्षेत्रवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। काफी संख्या में स्थानीय लोगों ने अस्पताल परिसर में एकत्र होकर सरकार और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। साथ ही एक सुर में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारी अनुज रावत, जय प्रकाश, आनंद परमार, बसु देव डिमरी,अंकित रावत, खजान सिंह, संदीप डोभाल, रमेश इन्दवाण, विपिन कुमार, महावीर पंवार, लता नौटियाल, भारती अग्रवाल, राजुली बत्रा, बासु देवी, कला ने आरोप लगाया कि लंबे समय से अस्पताल में चिकित्सकों, विशेषज्ञ डॉक्टरों, आवश्यक उपकरणों और अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।
कई बार शिकायतों और मांगों के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है, जिससे क्षेत्र की जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि चारधाम यात्रा मार्ग पर स्थित यह अस्पताल यात्रियों और स्थानीय नागरिकों दोनों के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन यहां की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं अपेक्षित स्तर से काफी नीचे हैं।
आंदोलन के दौरान लोगों ने यमुनोत्री हाईवे से अस्पताल परिसर तक ढोल नगाड़ों के साथ रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अस्पताल परिसर में धरना दिया। इस दौरान वक्ताओं ने जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता को अस्पताल की दुर्दशा के लिए जिम्मेदार ठहराया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह आंदोलन की केवल शुरुआत है। यदि जल्द ही अस्पताल में डॉक्टरों की नियुक्ति, आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता समेत अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो क्षेत्रवासी व्यापक जन आंदोलन छेड़ने को मजबूर होंगे।
उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य केंद्र में तालाबंदी कर उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। आंदोलन में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान अस्पताल परिसर में काफी देर तक नारेबाजी और धरना-प्रदर्शन जारी रहा। क्षेत्रवासियों ने सरकार से जनहित को देखते हुए जल्द से जल्द स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करने की मांग की है।