विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी पर्यटकों के लिए खुली

Share Now

चमोली। विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान सोमवार से पर्यटकों के दीदार के लिए खुल गई है। प्रकृति प्रेमियों और ट्रेकर्स के लिए यह किसी जन्नत से कम नहीं है, जहां उन्हें हजारों प्रकार के रंग-बिरंगे फूल एक साथ देखने को मिलते हैं। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल में शामिल इस घाटी के खुलने से स्थानीय पर्यटन व्यवसाय को भी नई ऊर्जा मिली है। पहले ही दिन 108 यात्रियों ने फूलों की घाटी का दीदार किया।
प्रत्येक वर्ष की तरह, इस वर्ष भी घाटी को जून महीने के शुरुआती सप्ताह में पर्यटकों के लिए खोल दी गई है। यह घाटी आमतौर पर अक्टूबर के अंत तक या बर्फबारी शुरू होने तक पर्यटकों के लिए खुली रहती है। मानसून के आगमन के साथ ही घाटी में फूलों की बहार आने लगती है, जो सितंबर तक अपने चरम पर होती है। इस दौरान यहां ब्रह्म कमल, ब्लू पोस्ता, कोबरा लिली जैसे सैकड़ों प्रजातियों के फूल खिलते हैं, जिससे पूरी घाटी एक रंगीन कालीन का रूप ले लेती है।
गोविंदघाट से लगभग 13 किलोमीटर की पैदल चढ़ाई (ट्रेक) करके बेस कैंप घांघरिया तक पहुंचते हैं, और फिर घांघरिया से फूलों की घाटी का प्रवेश द्वार लगभग 3 किलोमीटर दूर है। घाटी के अंदर केवल दिन के समय ही रहने की अनुमति होती है और सूर्यास्त से पहले वापस आना होता है। फूलों की घाटी प्रत्येक वर्ष एक जून से 31 अक्टूबर तक पर्यटकों के लिए खुली रहती है। फूलों की घाटी समुद्रतल से करीब 12995 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और करीब 87.5 वर्ग किमी क्षेत्र में फैली है।
वन विभाग की रेंजर चेतना कांडपाल ने जानकारी देते हुए बताया कि विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान के कपाट सुबह 8 बजे पर्यटकों के लिए खोल दी गई। पहले दिन 108 सैलानी घाटी के दीदार करने के लिए पहुंचे। उन्होंने बताया कि फिलहाल घाटी में फूलों की संख्या कम है, लेकिन आने वाले दिनों में मानसून की शुरुआत के साथ ही विभिन्न प्रजातियों के फूल तेजी से खिलने लगेंगे। पूरी घाटी रंग-बिरंगे फूलों से सज उठेगी और इसकी खूबसूरती में और चार चांद लग जाएंगे।
फूलों की घाटी राष्ट्रीय पार्क नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व के तहत आती है। अपने दुर्लभ प्रजाति के वन्य जीवन रंग-बिरंगी तितलियां, हर्बल जड़ी-बूटीयो व बेस कीमती जीवन दायिनी वनस्पतियां, प्राकृतिक झरनों के साथ रतवान ग्लेशियर से निकल कर घाटी के मध्य बहने वाली पुष्पावती नदी और दूर-दूर तक फैले ग्लेशियर,ऊंचे बर्फीले पहाड़ घाटी का सुंदरता में चार चांद लगा देते हैं।
बता दें कि फूलों की घाटी में करीब 500 से अधिक देशी विदेशी फूल खिलते हैं। जिसका दीदार करने के लिए हजारों की संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। वहीं फूलों की घाटी 1 जून से 31 अक्टूबर तक सैलानियों के लिए खुली रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!