पिथोरागढ़ : भारत नेपाल के बीच सीमा रेखा सरकने का विवाद – दोनों देशो की टीम ने किया सर्वेक्षण

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धारचूला में भारत नेपाल का संयुक्त निरीक्षण ।

नदीम परवेज़, धारचूला|

उत्तरी सीमा पर चीन के साथ सीमा विवाद के बाद नेपाल भी जाने अनजाने सीमा पर विवाद खड़ा करने लगा है | ताजा मामला भारत और नेपाल के बीच सीमा रेखा काली नदी के ही आपदा के दौरान खिसक जाने को लेकर है | जिसके समाधान के लिए दोनों देशो कि तरफ से अधिकारियो ने मौका मुआयना कर सामूहिक रिपोर्ट भेजने कि कवायद सुरु कर दी है |

भारत और नेपाल के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने काली नदी किनारे निर्मित तट बंध का सर्वेक्षण किया|  नेपाल वर्ष 2013 की आपदा के बाद से भारत पर काली नदी किनारे उसकी भूमि पर कब्जे का आरोप लगातार लगाते आ  रहा हैं । भारत व नेपाल सरकार ने  मामले के पटाक्षेप के दोनों देशो के अधिकारियो की संयुक्त सर्वे टीम सर्वेक्षण के लिए गठित की|  भारत नेपाल की टीम ने तटबंध  निर्माण क्षेत्र में पहुंचकर सर्वेक्षण कार्य किया|  दार्चुला नेपाल से नेपाली अधिकारियों का दल धारचूला के कुमाऊं मंडल विकास निगम के गेस्ट हाउस पहुंचा और भारतीय अधिकारियों का दल वहा पहले से ही  गेस्ट हाउस में मौजूद  था जहां पर दोनों के बीच शिष्टाचार वार्ता हुई उसके बाद सामूहिक रूप से सर्वेक्षण के लिए भारत के सर्वे ऑफ इंडिया के सरदार जितेंद्र सिंह  और नेपाल  के आनंद जोशी और एन के  गोस्वामी, मनीषा बिष्ट  के साथ एसएसबी कमांडेंट महेंद्र प्रताप इत्यादि ने  तटबंध आर्मी कैंप के नीचे काली नदी तक सर्वे किया गया और वहां पर उन्होंने जांच की विवाद के पटाक्षेप के लिएं  लिए संयुक्त कमेटी ने काफी विचार-विमर्श किया परन्तु कोई भी निर्णय नहीं लिया जा सका | मौके पर लिए गए निर्णय को  गोपनीय रख कर संयुक्त सरकारों को सोपां जायेगा ।

गौतरलब है कि नेपाल मिडीया ओर समाचार पत्र  2013  की  आपदा के बाद से ही काली  नदी के बहाव से नेपाल कि भूमि कटने  भारतीय क्षेत्र में आ जाने का आरोप लगाकर विवाद पैदा करता रहता है |

इसलिए ही ये दोनों सरकारों का संयुक्त निरीक्षण हुआ है जबकी काली नदी ही दोनों देशों कि सीमा रेखा है ।

तहसीलदार मनीषा बिष्ट धारचूला

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