कोरोना काल में स्टाफ नर्स भर्ती परीक्षा करवाना औचित्यहीन, मैरिट के आधार पर हो भर्ती:-
प्रदेश में covid महामारी के बीच 28 मई को स्टाफ नर्स भर्ती परीक्षा आयोजित किये जाने का निर्णय लिया गया है। जिसको लेकर भर्ती परीक्षा में सम्मिलित होने वाले परीक्षार्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। परीक्षार्थियों के साथ ही अभिभावको ने कोरोना के बढ़ते इस संक्रमण के दौर में परीक्षा करवाने को औचित्यहीन करार दिया है। उन्होंने मैरिट के आधार पर ही स्टाफ नर्स की भर्ती करने की मांग की है।
कोरोना महामारी में विगत वर्ष से कार्य कर रहे आशुतोष पवार और राहुल शाह आदि का कहना है कि पूर्व में स्टाफ नर्स की भर्ती वरिष्ठता व अंकों के गुणांक के आधार पर की जाती रही है , वही प्रक्रिया इस कोरोना काल में भी अपनायी जानी चाहिए ताकि चिकित्सालयों में स्टाफ नर्स की कमी को भी पूरा किया जा सके और कोरोना के संक्रमण से भी बचा जा सके इस दौरान महामारी में काम कर रहे कर्मियों के अनुभव का भी फायदा सवास्थ्य विभाग को मिलेगा । उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जहां कोरोना संक्रमण से बचने के लिए लौक डाउन का सहारा लिया जा रहा है, ऐसे वक्त में भर्ती परीक्षा के लिए परीक्षार्थियों को घर से बाहर निकाला जाना समझ से परे है।
साथ ही नर्सिंग परीक्षा में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों में से कई अभ्यर्थी ऐसे भी हैं जो विगत वर्ष से कोरोना वायरस आइसोलेशन वार्ड में अपनी ड्यूटी कर रहे हैं उनके पॉजिटिव होने की संभावना भी हो सकती है ऐसे में उनके द्वारा संक्रमण के बढ़ने की संभावना ज्यादा हो सकती है,
उन्होंने कहा कि पूर्व से चली आ रही चयन प्रक्रिया के आधार पर वरिष्ठता व अंक गुणांक के अनुसार नियुक्ति की जाए और उनको प्रथम वरीयता दी जाऐ जो चयन आयु की सीमा को पूर्ण कर रहे हों और जो वर्षों से संविदा पर अल्पवेतन में अपनी सेवाऐ दे रहे हैं। उन्हें प्राथमिकता में चयन करना चाहिए।
