ऋषिकेश:15 साल से बंद पड़े ऑक्सीजन प्लांट को सेना के इंजीनियरो ने पुनर्जीवित किया

Share Now

सेना के इंजीनियरों ने संभाला आईडीपीएल के ऑक्सीजन गैस प्लांट को पुनर्जीवित करने का मोर्चा , कार्य में मिली 90 प्रतिशत सफलता ।

अमित कण्डियाल।

कोरोना महामारी के एक बीच अच्छी खबर हैं , जहां कोरोना संक्रमण की वर्तमान परिस्थिति में ऑक्सीजन की किल्लत को पूरा करने के लिए आईडीपीएल के ऑक्सीजन गैस प्लांट को पुनर्जीवित करने में सेना के इंजीनियरों ने मोर्चा संभाल लिया है। इस संबंध में आज उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने ऑक्सीजन प्लांट का निरीक्षण किया।

 इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने सेना के इंजीनियरों द्वारा मुस्तैदी से कार्य किए जाने पर उनका धन्यवाद एवं अभिनंदन किया। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि पिछले दिनों उनके द्वारा प्लांट का निरीक्षण किया गया था। जिसमें उन्हें आईडीपीएल प्रशासन द्वारा अवगत किया गया था कि 15 साल पहले तक प्लांट चलता था लेकिन अब मशीनें जंग खा गई है एवं कोई भी पुर्ज़ा यदि आवश्यक हो तो उसका मिलना भी मुश्किल है। उन्होंने बताया कि इसके बावजूद भी सेना के इंजीनियरों ने  लगातार दिन – रात कार्य कर 90 प्रतिशत सफलता हासिल कर ली है। सेना के अधिकारियों ने जानकारी दी है कि इंजीनियरों द्वारा एयर सेपरेटर पर कार्य चल रहा है। जिसमें एयर से ऑक्सीजन को सेपरेट किया जाएगा। जिस पर सफलता मिलने के बाद इस ऑक्सीजन प्लांट से ऑक्सीजन का उत्पादन शुरू किया जा सकता है।

 निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने कहा है कि ऑक्सीजन प्लांट को पुनर्जीवित करने के लिए सेना के इंजीनियरों द्वारा 90 प्रतिशत सफलता हासिल कर ली गई है। आईडीपीएल में बंद पड़े ऑक्सीजन प्लांट को फिर से पुनर्जीवित करने की कवायद में सेना के इंजीनियरों की टीम पिछले 12 दिनों से ऑक्सीजन प्लांट की मरम्मत कर रही है। साथ ही आईडीपीएल के मैकेनिकल और इलेक्ट्रिक विभाग की टीमें भी इंजीनियरों की मदद कर रही है। इंजीनियरों के अनुसार ऑक्सीजन प्लांट बीते कई वर्षों से बंद पड़ा है। ऐसे में मशीनों की कई पार्ट खराब हो चुके हैं। जिनको बदलकर नये पार्ट्स लगवाए जाने का कार्य किया जा रहा है एवं सप्लाई लाइन की भी जाँच की जा रही है।

प्रेमचंद अग्रवाल ( विधानसभा अध्यक्ष , उत्तराखंड )

Leave a Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!