नई टिहरी के कांग्रेसजनों ने कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज द्वारा लॉकडाउन उलंघन मामले में सरकार द्वारा दोगला रवैया अपनाने पर शहर कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में सांकेतिक सत्याग्रह उपवास रखा। लोक डाउन के दौरान कानून की धज्जियां उड़ाते हुए रसूखदार लोग बॉर्डर पार कर कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग करते रहे इस दौरान विपक्षियों के द्वारा आवाज उठाने पर भी कोई कार्यवाही नहीं की गई जबकि रमाई उत्तरकाशी के निर्दोष प्रवीण जयाडा पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया गया ऐसे में सवाल यह है कि कानून में रसूखदार ओं के लिए कोई अन्य उपधारा बनाई गई है या सिर्फ आंख बंद कर ली जाती है।
नई टिहरी कांग्रेस शहर अध्यक्ष देवेन्द्र नौडियाल(मोनू) ने कहा कि न्यायोचित सत्य का आग्रह ही सत्याग्रह है। सत्य ये है की उत्तराखंड के काबीना मंत्री सतपाल महाराज और उनके परिजनों ने कोरोना से संक्रमित होने के बावजूद उन सभी कानूनों का उल्लंघन किया है,जो इस कोरोना महामारी के संक्रमण काल में अपराध है। जबकि महामारी में संक्रमण के तहत राज्य सरकार पहले ही रंवाई उत्तरकाशी के निर्दोष प्रवीण जयाडा जैसे साधारण नौजवान पर संगीन धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर चुकी है। लेकिन अधिक संगीन स्थिति के बावजूद सतपाल महाराज के राजनीतिक रसूख के आगे कानून अब तक कुछ नहीं कर पाया। जबकि नैनीताल उच्च न्यायालय ने इस दोहरे कानून पर राज्य सरकार को फटकार भी लगायी है।
जिलाध्यक्ष श्री राकेश राणा ने कहा कि सतपाल महाराज कोरोना सक्रंमित पाये जाने पर उनके द्वारा कैबिनेट बैठक में शामिल होने पर उस बैठक में उपस्थित सभी माननीयों की कोरोना जांच होती है,जो आवश्यक भी है।परन्तु उनके पुत्र जो कोरोना सक्रंमित पाये जाते हैं,चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र में अपने सहयोगियों के साथ राजनीतिक उद्देश्य से भ्रमण करते हुए क्षेत्र के आम लोगों के सम्पर्क में आते हैं,चौबट्टाखाल क्षेत्र के उन लोगों की कोई कोरोना स्वास्थय जांच नहीं होती।आखिर एक प्रदेश में एक ही सरकार द्वारा रसूखदार और आम लोगों के लिए अलग-अलग कानून और व्यवहार क्यों?
महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती दर्शनी रावत एवं महिला सेवादल अध्यक्ष श्रीमती आशा रावत ने कहा कि देश में लोकतंत्र है। राज्य सरकारें संविधान की मर्यादाओं से बंधी है। ऐसी स्थिति में अगर लोक द्वारा बनाये गये तंत्र के संविधान पर सवाल खड़ा होता है तो सत्य के पक्ष में आवाज बुलंद करना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी हैं।
युवा कांग्रेस टिहरी विधान सभा के अध्यक्ष नवीन सेमवाल ने कहा कि त्रिवेन्द्र सरकार को शीघ्र ही महाराज के खिलाफ महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करना चाहिए।राज्य सरकार के रसूखदार और आम लोगों के लिए अलग-अलग दोहरे मापदंडों जैसे अत्याचार के खिलाफ हमारा यह उपवास सत्य का आग्रह है।
