स्टाफ नर्ष भर्ती : स्वास्थ्य कर्मियों का अनुभव दरकिनार – बच्चो के साथ लिखित परीक्षा का किया विरोध

Share Now

दो सूत्री  मांग को लेकर संविदा नर्सिंग कर्मियों को सांकेतिक प्रदर्शन।

किच्छा

covid महामारी के दौरान डगमगाती स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए अस्पतालों में आवश्यक उपकरण के साथ स्वास्थ्य कर्मियों की कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने स्टाफ नर्ष के पदों पर लिखित परीक्षा से अभ्यर्थियों के चयन का निश्चय किया है | वही स्वास्थ्य विभाग में १० से 15 साल से कम वेतन पर अपनी सेवा दे रहे स्वास्थ्य कर्मियों ने उनके अनुभव को कोई महत्व नहीं देने पर नाराजगी जताई है | उन्होंने कहा कि आज के बच्चो के साथ उन्हें परीक्षा में बैठने के लिए कहा जा रहा है जो न्यायोचित नहीं है |

किच्छा के  सरदार बल्लभ भाई पटेल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अपेक्षा में तैनात संविदा नर्सिंग कर्मियों ने राज्य सरकार द्वारा जारी की गई भर्ती परीक्षा को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग को लेकर संविदा नर्सिंग पुष्कर बिष्ट के नेतृत्व में सांकेतिक प्रदर्शन किया। इस दौरान संविदा नर्सिंग कर्मियों ने राज्य सरकार द्वारा जारी भर्ती परीक्षा पर सवाल उठाते हुए कहा कि हम पिछले कई वर्षों से सरकार के साथ अल्प वेतन में अपनी सेवा दे रहे हैं,  लेकिन सरकार द्वारा अब स्थाई भर्ती निकाले गई तो उसमें हमारे अनुभव को दरकिनार कर नए बच्चों के साथ परीक्षा में बैठने के लिए कहा गया जोकि बिल्कुल भी न्याय संगत नहीं है।प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर सरकार ने जल्द ही परीक्षा को रद्द कर, नई भर्ती प्रक्रिया को वर्षवार किया जाए जिसका लाभ पहलें से अल्प वेतन मे अपनी सेवा दे रहे संविदा नर्सिंग कर्मियों को लाभ मिल सकें। अगर सरकार ने ऐसा नहीं किया तो हमें कार्य बहिष्कार एवं सामूहिक इस्तीफा देने को मजबूर होना पड़ेगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।

error: Content is protected !!