राज्य आंदोलनकारियों ने की हिमाचल की तर्ज पर भू-कानून लागू करने की मांग

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देहरादून। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच ने राज्य सरकार से पुराना भू-कानून रद्द कर जल्द हिमाचल की तर्ज पर भू-कानून लागू करने व मूल निवास की व्यवस्था बनाने की प्रक्रिया प्रारंभ करने की मांग की है।
कलक्ट्रेट स्थित शहीद स्मारक में राज्य आंदोलनकारियों की बैठक हुई। बैठक का संचालन डीएस गुसाईं व अध्यक्षता जगमोहन सिंह नेगी ने की। बैठक में तय किया गया कि संगठन अगले 15 से 20 दिनो में जल्द शासन में गृह सचिव या मुख्य सचिव से मिलकर राज्य आंदोलनकारियों के 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण व जारी शासनादेश पर कोई प्रगति न होने पर नाराजगी से अवगत कराएगा। आंदोलनकारियों ने कहा कि एक माह के धरने के बावजूद शासन प्रशासन से लेकर सरकार के जनप्रतिनिधियों ने मौके पर आकर संज्ञान तक नहीं लिया। मंच राज्य आंदोलन के दौरान शहीद हुए आंदोलनकारियों की 01 व 02 सितंबर शहादत दिवस पर दून व मसूरी में प्रतिभाग करने पर मुख्यमंत्री को भी अपनी मांगों से अवगत कराएगा। जिलाध्यक्ष प्रदीप कुकरेती ने कहा कि बजट की कमी से पिछले 03 माह से उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों की सम्मान पेंशन जारी नही हुई है। शहीदों के परिजन इसी पेंशन से अपनी घर की आर्थिकी चला रहे हैं। बैठक में मुख्य रूप से सुशीला बलूनी, जगमोहन सिंह नेगी, रामलाल खंडूड़ी, उर्मिला शर्मा, प्रदीप कुकरेती, डीएस गुसाईं, विक्रम भण्डारी, रुकम पोखरियाल, सुरेश नेगी, बीर सिंह रावत, बलबीर सिंह नेगी, युद्धवीर सिंह चैहान, गुलाब सिंह, गणेश डंगवाल, नवनीत गुसाईं, क्रांति कुकरेती, अम्बुज शर्मा, रामकृष्ण, सूर्या बमराडा, हेमन्त मंझखोला, राजेश पांथरी, धर्मेन्द्र सिंह, प्रभात डंडरियाल, सुमित थापा, मोहन खत्री, लोक बहादुर थापा, विजय बलूनी, मनोज नोटियाल, प्रमोद पंत, पुष्कर बहुगुणा, विपिन नेगी, पुष्पलता सिलमाना, मुन्नी खंडूड़ी, सुलोचना भट्ट, उर्मिला शर्मा, राधा तिवारी, सरोज रावत, अरुणा थपलियाल, कृष्णा खत्री, रेनू नेगी, बीना थपलियाल, मनोज नौटियाल, प्रमोद पंत, पुष्कर बहुगुणा, विपिन नेगी, सतेन्द्र नोगाईं, सुनील जुयाल मौजूद रहे।

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