केदारनाथ यात्रा के दौरान खोए दो मासूम, पुलिस ने कुछ ही घंटों में ढूंढकर मिलाया पिता से
भावुक हुए नरेश कुमार बोले – “धन्य है उत्तराखंड पुलिस”
रुद्रप्रयाग, 31 मई 2025 –
श्री केदारनाथ यात्रा पर आए मेरठ निवासी नरेश कुमार के लिए यह यात्रा एक पल के लिए भयावह अनुभव में बदल गई जब उनके दो नन्हें बच्चे – बेटी कनिका (14 वर्ष) और बेटा नमन (07 वर्ष) यात्रा मार्ग पर उनसे बिछड़ गए। लेकिन उत्तराखंड पुलिस की सतर्कता, मानवीय संवेदना और त्वरित कार्रवाई ने इस मुश्किल घड़ी को राहत में बदल दिया।
चिंतित पिता नरेश कुमार ने जब चौकी लिनचोली पहुँचकर बच्चों के लापता होने की जानकारी दी, तो वहाँ तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्काल मामला संज्ञान में लेते हुए हरकत में आ गए। लिनचोली चौकी पुलिस ने न सिर्फ PA सिस्टम के माध्यम से लगातार अनाउंसमेंट शुरू कराए, बल्कि एक पुलिस टीम को तुरंत बच्चों की तलाश में रवाना कर दिया।

इस मुस्तैद व्यवस्था और सतत घोषणाओं के चलते कुछ ही समय बाद दोनों बच्चे सकुशल पुलिस को मिल गए। अपने बच्चों को सुरक्षित देखकर नरेश कुमार की आंखें भर आईं। उन्होंने उत्तराखंड पुलिस का हृदय से आभार जताते हुए कहा, “आप लोगों ने मेरे जीवन की सबसे बड़ी खुशी लौटा दी, मैं पुलिस का सदैव ऋणी रहूंगा।”
यह घटना उत्तराखंड पुलिस की संवेदनशीलता और कुशल आपात प्रबंधन का एक और उदाहरण बनकर सामने आई है। केदारनाथ जैसे भीड़भाड़ वाले तीर्थ क्षेत्र में जहां हर दिन हजारों श्रद्धालु आते हैं, वहाँ इस तरह की त्वरित कार्यवाही श्रद्धालुओं के मन में सुरक्षा और भरोसे का भाव और गहरा करती है।
👉 Meru Raibar की ओर से उत्तराखंड पुलिस को सलाम! 🙏
जनसेवा, संवेदना और समर्पण का ऐसा उदाहरण वाकई प्रेरणादायक है।
