“नई टिहरी को डूबने से बचाने की जंग! बारिश से पहले प्रशासन अलर्ट मोड पर”

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नालियां चोक, सड़कों पर मलबा, जलभराव की आफत — D.M. और विधायक ने संभाला मोर्चा, तेज़ फैसलों की बौछार


ओपनिंग

“बरसात शुरू होने ही वाली है… और नई टिहरी की सड़कों पर डर की दस्तक सुनाई दे रही है!” — बुधवार को जिला कलेक्ट्रेट में हड़कंप जैसे हालात थे, जब जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल और विधायक किशोर उपाध्याय ने आपदा से निपटने के लिए इमरजेंसी मीटिंग बुलाई। मकसद सिर्फ एक था — नई टिहरी को बारिश के कहर से कैसे बचाया जाए?


🏚️ जलभराव बना जी का जंजाल:

शहर की सबसे बड़ी मुसीबत — जलभराव। नालियां कूड़े और मलबे से भरी पड़ी हैं। D.M. नितिका खण्डेलवाल ने साफ कहा:

“लोग कंस्ट्रक्शन का मलबा सड़कों पर छोड़ देते हैं। यही नालियां चोक कर देता है। अब चालान होंगे, सख्ती होगी!”


🚧 हर कोना स्कैन पर:

बैठक में तय हुआ कि नई टिहरी की संवेदनशील पुश्तों को चिन्हित किया जाएगा, ताकि भूस्खलन जैसी आपदाओं से पहले ही सुरक्षा हो सके। आंतरिक सड़कों पर जल निकासी का पूरा प्लान बनेगा।

विधायक किशोर उपाध्याय बोले:
“नई टिहरी को सुनियोजित शहर बनाना है। बारिश में लोग परेशान न हों, ये हमारी जिम्मेदारी है।”


🏗️ C&D वेस्ट भी बना सिरदर्द:

निर्माण और तोड़फोड़ से निकला मलबा यानी C&D वेस्ट — इसके निस्तारण को लेकर भी बैठक में गर्मा-गर्मी हुई। D.M. ने आदेश दिए कि डम्पिंग ज़ोन तय किया जाए और सख्ती से प्रबंधन हो।

नगरपालिका अध्यक्ष मोहन सिंह रावत बोले:
“ढुंगीधार में जगह चिन्हित कर ली गई है, लेकिन संसाधनों की कमी से काम अटका है। जरूरत पड़ने पर दूसरे विभागों की JCB और वाहन लिए जाएंगे।”


🛣️ सड़कों पर राहत की आस:

लोनिवि ने बताया कि आंतरिक सड़कों के लिए हॉट मिक्स का संशोधन प्रस्ताव भेज दिया गया है। जल्द ही सड़कों की मरम्मत शुरू होगी। N.H. के चोक प्वाइंट्स भी खोले जाएंगे, ताकि पानी बह सके।


🌧️ ड्रामेटिक एंडिंग

नई टिहरी पर इस बरसात का खतरा फिर मंडरा रहा है। सवाल यही है — क्या प्लानिंग और फैसले वक़्त पर जमीन पर उतरेंगे? या एक बार फिर पहाड़ों की खूबसूरती मलबे और पानी के सैलाब में डूब जाएगी?

“नई टिहरी सिर्फ एक शहर नहीं… हज़ारों लोगों का घर है। इसे बचाना ही होगा — हर हाल में!”


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