11 जनवरी के बंद से दून उद्योग व्यापार मंडल अलग – “औचित्यहीन, राजनीति से प्रेरित और व्यापार विरोधी है बंद”

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🔴 उत्तराखंड बंद पर बड़ा ट्विस्ट!

देहरादून | 10 जनवरी 2026

उत्तराखंड बंद से ठीक पहले देहरादून के व्यापार जगत ने साफ़ और सख़्त संदेश दे दिया है।
दून उद्योग व्यापार मंडल ने 11 जनवरी के बंद से खुद को पूरी तरह अलग कर लिया है और इसे राजनीति से प्रेरित, औचित्यहीन और व्यापारियों को डराने वाला करार दिया है।


⚠️ बैठक में सर्वसम्मति से फैसला

शनिवार को दून उद्योग व्यापार मंडल की एक अहम बैठक हुई, जिसमें एक स्वर में बंद का विरोध किया गया।
व्यापार मंडल ने कहा —

“जब सीबीआई जांच की संस्तुति हो चुकी है, अपराधियों को आजीवन कारावास की सजा मिल चुकी है, तो फिर बंद क्यों?”


🗣️ अध्यक्ष विपिन नागलिया का बड़ा बयान

दून उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष विपिन नागलिया ने दो टूक कहा:

“यह बंद न इंसाफ के लिए है, न संवेदना के लिए — यह व्यापार को नुकसान पहुंचाने की कोशिश है।”

उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि
👉 “किसी भी डर, दबाव या अफवाह में न आएं।
👉 सभी बाजार रोज़ की तरह खुले रहेंगे।”


🚔 व्यापारियों की सुरक्षा पर सख़्त रुख

व्यापार मंडल ने चेतावनी दी है कि:

  • किसी व्यापारी से छेड़खानी या जबरन दुकान बंद कराने की कोशिश हुई
  • तो सीधी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी
  • एसएसपी देहरादून से सुरक्षा की मांग की जाएगी

“दून शांतिप्रिय शहर है, माहौल बिगाड़ने की इजाज़त नहीं दी जाएगी।”


🟡 अंकिता भंडारी केस पर स्पष्ट स्टैंड

महासचिव सुनील मेसोन ने कहा:

“अंकिता भंडारी हत्याकांड में सरकार ने त्वरित कार्रवाई की, SIT बनी, दोषियों को सजा हुई और अब CBI जांच भी स्वीकार हो चुकी है। इसके बाद बंद का कोई औचित्य नहीं बचता।”

उन्होंने साफ किया कि
दून उद्योग व्यापार मंडल का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है।


🏪 क्या खुला रहेगा 11 जनवरी को?

✔️ सभी बाजार
✔️ संडे मार्केट
✔️ व्यापारिक प्रतिष्ठान
➡️ नियमों के अनुसार सामान्य रूप से खुले रहेंगे


🔚 अंत में सवाल

जब न्यायिक प्रक्रिया चल रही है,
जब सरकार ने मांग मान ली है,
तो क्या बंद वास्तव में इंसाफ के लिए है —
या फिर सियासत के लिए?

दून ने फैसला कर लिया है —
काम भी चलेगा, शांति भी रहेगी।

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