महिला आयोग में पेश नहीं हुई विधायक पर आरोप लगाने वाली महिला

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देहरादून। बाल आयोग ने कोर्ट के आदेश के बिना बालिका की डीएनए जांच कराए जाने के मामले में द्वाराहाट के विधायक महेश नेगी पर आरोप लगाने वाली महिला को समन जारी कर शनिवार को आयोग में पेश होने का आदेश दिया था। लेकिन महिला आयोग में पेश नहीं हुई। महिला ने डाक के माध्यम से आयोग में दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि आयोग की ओर से उसे जो समन दिया गया उसमें शिकायत की प्रतिलिपि नहीं थी। यही वजह है कि वह शिकायत का जवाब देने में असमर्थ हैं।
बाल आयोग ने महिला के प्रार्थना पत्र पर उसे अब 29 सितंबर को दोपहर 2.30 बजे आयोग में पेश होने का आदेश दिया है। आयोग की ओर से दिए गए आदेश में कहा गया है कि बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड के पूर्व सदस्य हरि सिंह नेगी की ओर से गैरकानूनी रूप से नवजात बालिका का डीएनए टेस्ट कराए जाने के संबंध में शिकायत की गई है। इसकी जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ है कि नवजात बालिका का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामली में 18 मई 2020 को जन्म हुआ था। वहां के चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि संबंधित अस्पताल से बच्ची का डीएनए टेस्ट नहीं किया गया। आयोग ने कहा कि महिला को शिकायती पत्र की प्रति उपलब्ध करा दी गई है। महिला को अब 29 सितंबर को आयोग में पेश होकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है।
 बालिका का डीएनए टेस्ट गैरकानूनी रूप से कराए जाने की शिकायत पर उत्तराखंड बाल आयोग ने द्वाराहाट के विधायक महेश नेगी पर आरोप लगाने वाली महिला के पति सहित ससुराल पक्ष के पांच लोगों को नोटिस जारी कर 30 सितंबर को आयोग में पेश होने का आदेश दिया है। सभी लोग जिला शामली उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। बाल आयोग ने महिला के पति, सास, ससुर ननंद और उसके पति को नोटिस जारी करते हुए कहा है कि बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड के पूर्व सदस्य हरि सिंह नेगी की ओर से आयोग को शिकायत मिली है कि बालिका का डीएनए टेस्ट गैरकानूनी रूप से कराया गया है। आयोग ने नोटिस में कहा कि यह भी हो सकता है कि महिला के ससुराल पक्ष के लोगों ने साजिशन डीएनए परीक्षण कराया हो ताकि महिला और उसके पति का संबंध विच्छेद करा सकें। आयोग ने कहा कि महिला का पति और अन्य सभी लोग आयोग में पेश होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करें।

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