रामगंगा में बहे पिता-पुत्र का कोई सुराग नहीं

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अल्मोड़ा। रामगंगा नदी के तेज बहाव में बहे मुरादाबाद के पर्यटक पिता पुत्र का 24 घंटे बाद भी पता नहीं लग सका है। पुलिस के गोताखोरों के बाद अब एसडीआरएफ का दल बुला लिया गया है। रात में बारिश तेज होने से सर्च अभियान रोक दिया गया था। सुबह पर्यटक राजेश कुमार राणा व उसके आठ वर्षीय पुत्र कार्मिक को सुरक्षित खोजने के लिए एक बार फिर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। फिलहाल दोनों को नहीं खोजा जा सका है। उधर मुरादाबाद से राजेश के अन्य स्वजन भी मरचूला पहुंच गए हैं।बीते रविवार को बैंक कॉलोनी पूनम विहार मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) निवासी 30 वर्षीय पर्यटक राजेश राणा पुत्र रामअवतार व उसका आठ साल का बेटा कार्मिक मरचूला में एक रिजॉर्ट के पास बदनगढ़ व रामगंगा नदी के संगम पर आनंद ले रहे थे। इस बीच पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश से रामगंगा के सहायक धारों का पानी बढ़ गया। कुछ ही मिनट में रामगंगा का जल स्तर भी बढ़ गया। तेज बहाव का अंदाजा न लगा पाने के कारण राजेश धोखा खा गया। खुद व अपने पुत्र को लेकर नदी से बाहर जाने के बजाय संगम पर ही ठहर जाने से नदी के थपेड़े में संतुलन बिगड़ गया। नतीजतन, पिता पुत्र बहते चले गए। स्थानीय तहसील प्रशासन व सल्ट थाने के राहत एवं बचाव दल ने शाम सात बजे तक दोनों की तलाश में रेस्क्यू चलाया। मगर बारिश बढने से सर्च अभियान रोकना पड़ा। मगर प्रशासन ने एसडीआरएफ के जवान बुलवा लिए। सोमवार की सुबह छह बजे पर्यटक पिता पुत्र की तलाश में एक बार फिर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। मरचूला से रामगंगा नदी के 400 मीटर के दायरे में वनघट व दुर्गादेवी गेट तक तलाश तेज कर दी गई है। मगर अभी तक सुराग नहीं लगाया जा सका है। रेस्क्यू जारी है।

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