उत्तरकाशी : गंगोत्री के विधायक गोपाल रावत का निधन – देहरादून के गोविन्द अस्पताल में ली अंतिम साँस

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उत्तरकाशी के बीजेपी विधायक गोपाल रावत का निधन हो गया है | दो बार गंगोत्री से विधायक रहे गोपाल रावत पिछले कुछ महीनो से बीमार चल रहे थे और मुम्बई से उनका इलाज चल रहा था | विधान सभा सत्र गैरसैण में गोपाल रावत सामिल हुए थे जहा ठण्ड लगने के बाद उनकी तबियत और अधिक ख़राब हो गयी थी | अभी हाल में ही उत्तरकाशी जिला योजना की बैठक में भी विधायक गोपाल रावत वर्चुअली सामिल हुए थे | इलाज के दौरान देहरादून के गोविन्द अस्पताल में विधायक ने अंतिम साँस ली | विधायक के निधन कि खबर से गंगोत्री विधान सभा में शोक कि लहर है | पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि कल उत्तरकाशी के  केदार  घाट में उनका अंतिम संस्कार संपन्न होगा |

यादो में सदैव जिन्दा रहेंगे गोपाल

उत्तरकाशी में वरुणावत आपदा के बाद तत्कालीन कांग्रेस सरकार से नाराजी के बाद गंगोत्री विधान सभा की  जनता ने पूर्व ब्लोक प्रमुख डुंडा गोपाल रावत पर भरोसा जताया था | उस वक्त एक तरफा जीत के दावेदार कांग्रेस प्रत्यासी को टक्कर देने में गोपाल रावत को समर्थ पाकर जनता ने सता से नाराजी का बदला गोपाल रावत को विधायक का ताज देकर किया था | तब से गंगोत्री विधान सभा में बारी बारी दो पुराने दोस्त विजयपाल और गोपाल रावत की  जोड़ी खूब चर्चा में रही | गोपाल रावत की बीमारी की  खबर पर उन्ही के दल के दर्जनों कार्यकर्ता खुद को कई माध्यम से विधायक का दावेदार घोषित करने में लगे थे | एक तरफ विधायक अस्पताल में जीवन की  जंग लड़ रहे थे और परिजन उनसे और नाते रिश्तेदारों में उनकी गंभीर बीमारी की  बात छुपा रहे थे ताकि विधायक का अंतिम साँस तक  तक जिन्दगी के प्रति हौंसला बना रहे,  वही विधायक के जीते जी खुद को गंगोत्री से विधायक के दावेदारों ने अपने शहर की  दीवारों पर चिपके अपने शुभकामना सन्देश में सिटिंग विधायक का फोटो तक लगाना उचित नहीं समझा | मृत्य एक अटल सत्य है,  इस पायदान को एक न एक दिन सभी को छूना है , पर मौत पर राजनीती नहीं होनी चाहिए थी ,  और बीजेपी जैसी अनुशासित पार्टी के कार्यकर्ताओ से ऐसी उम्मीद नहीं की  जा सकती थी | विधायक  गोपाल रावत के निधन के बाद भी गंगोत्री की राजनीती पूर्ववत चलती रहेगी फिर से विधायक का चुनाव भी  होगा, प्रचार का शोरगुल भी  होगा,  जीत का जश्न भी होगा पर जिन राजनैतिक मूल्यों को हमारी पीढ़ी इस वक्त स्थापित  करेगी, आने वाली पीढ़ी उन्ही को राजनीती का आदर्श बनाकर आपसे व्यवहार करेगी  |

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