ज़िंदगी के हर मोड पर विजय किसे अच्छी नहीं लगती लेकिन आज हम अपनी छोटी छोटी जीत की नहीं बल्कि देश की विजय की बात करेंगे । बात करेंगे विजय दिवस की । जब देश की सेना ने पाकिस्तान के दो टुकड़े कर बांग्लादेश को आजाद मुल्क घोषित कराया था। पाकिस्तान द्वारा सुरू किए गए इस युद्द की 13 दिन बाद आज ही के दिन याने कि 16 दिसंबर को भारत ने जीत पर अपना नाम दर्ज नाम दर्ज किया था । इस युद्ध मे करीब 3448 रणबांकुरो हिस्सा लिया था जिसमे उत्तराखंड के 255 जवानो भी सामिल थे और उसमें से एक थे गार्ड्स मैन सुंदर सिंह, , शहीद सुंदर सिंह उत्तरकाशी जिले के पटारा गाँव के निवासी थे । सुंदर सिंह जब शहीद हुए तो उनकी धर्मपत्नी उस समय महज 18 वर्ष की थी । तब से आज तक उन्होने न कोई शादी की और न ही उनका अपना कोई बच्चा है । तब से लेकर आजतक वे अपने शहीद पति की याद में एकाकी जीवन व्यतीत कर रही है। चलिये आज के दिन इहिहास के पन्नो पर एक नजर डालते है
16 दिसंबर 1971 से भारत में विजय दिवस मनाने की शुरुआत हुई . दरअसल 3 दिसंबर को इसी साल भारत और पाकिस्तान के बीच तीसरा युद्ध हुआ था . इस युद्ध में पाकिस्तान को बड़ी हार का सामना करना पड़ा . पाकिस्तान पर इस बड़ी जीत को भारत में विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है . इस हार के परिणाम स्वरुप पूर्वी पाकिस्तान आजाद हो गया और बांग्लादेश के रूप में एक नया देश बन गया . युद्ध का आरंभ पाकिस्तान के द्वारा भारत की वायुसेना के 11 स्टेशनों पर हवाई हमले से शुरू हुआ. 13 दिन तक चले इस युद्ध में 16 दिसंबर को ही पाकिस्तानी सेना ने आत्मसमर्पण कर दिया था, लगभग 90 000 पाकिस्तानी सैनिकों को भारतीय सेना द्वारा युद्ध बंदी बनाया गया था । 16 दिसंबर 1971 को अरुण खेत्रपाल शहीद हुए थे वे साल 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अद्भुत पराक्रम दिखाते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे उस समय उनकी उम्र महज 21 वर्ष की थी। क्षेत्रपाल को बसंतर के यूढ़ का योद्धा भी माना जाता है । अरुण खेत्रपाल अकेले- ऐसे योद्धा थे जिन्होंने दुश्मन के 10 टैंकों को को तबाह करने के बाद ही सांस ली भारत सरकार ने सेकंड लेफिटीनेंट अरुण खेत्रपाल को मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च सैन्य अलंकरण परमवीर चक्र से सम्मानित किया ।
चीन सीमा से लगे उत्तरकाशी जिले मे झील के किनारे भी शहीद स्थल पर गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने विजय दिवस पर जवानो और उनके परिजनो को संबोधित किया ।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण,नगर पालिका अध्यक्ष रमेश सेमवाल,अपर जिलाधिकारी तीर्थपाल सिंह,जिला सैनिक कल्याण कर्नल सुबोध शुक्ला,11 जेकली सूबेदार अशोक कुमार, जिलाआपदा प्रबंधनअधिकारी देवेंद्र पटवाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी नरेश शर्मा एवं भूतपूर्व सैनिक मौजूद रहे।
