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उत्तरकाशी ठकराल पट्टी – संचार को तरसे गांव कैसे हो ऑनलाइन पढ़ाई

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जिला उत्तरकाशी के ठकराल पट्टी के दर्जनों गांव तरसे संचार व्यवस्थाओं के लिए।

उत्तरकाशी के विकासखंड नौगांव के तहसील बड़कोट के ठकराल पट्टी के ग्राम सभा सरनोल, बसराली, चपटाडी, बचाणगांव, पटांगढ़ी, कोटी, गंगटाडी, फरी, खांड, घटालगांव, मसालगांव आदि का है, जहां पर आज तक भी सुचारू रूप से संचार सेवाएं उपलब्ध नहीं है! 21वीं सदी में जहां सरकार देश को डिजिटल बनाने की बात कर रही हो लेकिन इसके विपरीत जमीनी हकीकत कुछ और है।

अरविंद चौहान


कोरोना काल में जहां स्कूल कालेज बंद हैं और छात्र/ छात्रायें घरों पर बैठे हैं जिस पर उत्तराखंड सरकार ने ऑनलाइन पढ़ाई का फरमान जारी कर दिया बिना यह जानेे कि राज्य में ऐसे कितने गांव हैं जहां आज तक नेटवर्क की कोई सुविधाएं नहीं हैं जहां आनलाईन पढाई तो दुर, संपर्क सुविधा भी नसीब नहीं है ।
विकासखडं नौगांव के ठकराल पट्टी के दर्जनों गांव का हाल यह है कि यहां तो आनलाईन पढाई तो दूर, बातचीत के लिए भी फोन पर संपर्क करना मुश्किल होता है

क्षेत्रवासियों ने कई बार शासन प्रशासन को भी भलीभांति परिचित करवाया पर कभी भी इस पर उचित कार्यवाही नहीं हुई, उत्तराखडं में बैठी सरकार विकास के झुठे पुलिदें बांधने में मस्त है जिसका जन समस्याओं से कोई लेना देना नहीं है! जहां 21वीं सदी में भारत को डिजिटल बनाने की बात होती है उसके विपरीत जमीनी हकीकत कुछ और ही है।
दो 2 वर्ष पूर्व गांव में जब जिओ के टावर खड़े हुए तो लोगों को उम्मीद बंद ही कि अब उनके दिन भरेंगे किंतु यह टावर भी शोपीस बनकर रह गया
ग्राम सभा सरनोल, बसराली, चटपटाडी, बचाणगांव, बसराली, कोटी, गंगटाडी, फरी, खांड, घटालगांव, मसालगांव ,सहित अन्य गांव तो ऐसे हैं जहां किसी भी कंपनी का नेटवर्क सुचारू रूप से नहीं आता है अब ऐसे में संकट बडा़ है कि कैसे जनपद के होनहार नौनिहाल खुुद को बड़े शहरों की तुलनाा में कहीं खड़ा पा सके।
सरकारें कहती है कि आत्मनिर्भर भारत बने क्या ऐसे में कोई उम्मीद है कि भारत आत्मनिर्भर बन सकता है?

अब सवाल यह है कि कुछ दिनों में परिक्षायें भी होंगी जिसकी कयावद सरकार ने शुरू की तो लाकडाउन में बैठे छात्र कैसे आनलाईन पठन पाठन करेंगे इस सवाल का जवाब न तो जन प्रतिनिधियों के पास है न जिम्मेदार अधिकारियों के पास।


क्षेत्रवासियों ने कहा प्रदेश सरकार को ग्रामीण क्षेत्रों में संचार एवं इंटरनेट की समस्या की ओर ध्यान देना चाहिए एवं टेलीकॉम कंपनियों से इस विषय में उचित कार्यवाही के निर्देश दिए जाने चाहिए



वर्तमान में कोरना वायरस से बचने के लिए सरकार द्वारा किए गए देशव्यापी बंद के फल स्वरुप सभी छात्रों को ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई कराई जा रही है और इसके लिए छात्रों के पास इंटरनेट की सुविधा होना आवश्यक है परंतु वह छात्र कैसे ऑनलाइन पढ़ाई करेंगे जिनके पास इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं है। कोटी ठकराल के भूतपूर्व प्रधान अरविंद चौहान, अपील चौहान, सुधीर चौहान व सचिन चौहान और एमपी चौहान ने कहा कि क्षेत्र के दर्जन प्रधानों ने इस समस्या को पत्र के माध्यम से शासन प्रशासन तक पहुंचाया है तथा वह उम्मीद करते हैं कि इस पर तुरंत उचित सुनवाई होगी और शासन-प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों में संचार एवं इंटरनेट की समस्या की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करेंगे और टेलीकॉम कंपनियों से इस विषय में उचित कार्रवाई करने के निर्देश दे ।




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