यमनोत्री हादसा – रेस्क्यू जारी, – DM प्रशांत आर्य मौके पर रवाना

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– नौकैंची में भयावह भूस्खलन, दो की मौत, कई लापता!


उत्तरकाशी | Meru Raibar News | विशेष रिपोर्ट


💔 मलबे के नीचे दबी ज़िंदगियां – दो की मौत, दो अब भी लापता

सोमवार शाम करीब नौकैंची के पास अचानक भारी बोल्डर और मलबा गिरा। वहां से गुजर रहे चार से पांच यात्री सीधे खाई में जा गिरे।
अब तक की पुष्टि के अनुसार:

🕊️ मृतक:

  • हरिशंकर (47), उत्तर प्रदेश
  • ख्याति (9), उनकी बेटी

🩹 घायल:

  • रसिक भाई (मुंबई) – प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जानकीचट्टी में भर्ती

लापता:

  • भाविका शर्मा (11), दिल्ली
  • कमलेश जेठवा (35), महाराष्ट्र

🚁 रेस्क्यू जारी, बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें

पहले दिन रात 9 बजे तेज बारिश के कारण रेस्क्यू अभियान रोकना पड़ा।
लेकिन आज सुबह 6 बजे, अंधेरे को चीरती रेस्क्यू टीमों ने एक बार फिर मोर्चा संभाला।

SDRF, NDRF और पुलिस की टीमें मौके पर मौजूद हैं।
पैदल यात्रा को फिलहाल रोक दिया गया है, ताकि रेस्क्यू कार्य में कोई बाधा न आए।


🧭 DM प्रशांत आर्य मौके पर रवाना – बोले, “हर संभव सहायता दी जाएगी”

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने हादसे को लेकर गहरी संवेदना जताई और परिजनों को हर संभव सहायता देने के निर्देश दिए।

उन्होंने जानकीचट्टी पहुंचकर मौके का स्थलीय निरीक्षण शुरू कर दिया है।
लोनिवि के जियोलॉजिस्ट और इंजीनियरों से मलबा गिरने के कारणों की जानकारी ली जा रही है।

🔊 “इस पवित्र यात्रा मार्ग की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। मृतकों के परिजनों के साथ प्रशासन पूरी संवेदनशीलता से खड़ा है।” – DM प्रशांत आर्य


⛈️ मौसम विभाग ने चेताया – आगे और खतरा!

22 से 26 जून तक देहरादून, नैनीताल, टिहरी, चंपावत में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
राज्य आपातकालीन केंद्र ने सभी डीएम को सतर्क रहने और त्वरित आपदा प्रतिक्रिया टीमों को एक्टिव मोड में रखने के निर्देश दिए हैं।


🔚 श्रद्धा की राह पर मातम क्यों?

यमुनोत्री की यह पवित्र यात्रा… जो आत्मिक शांति देने आती है, वहां आज एक पिता अपनी बेटी को गोद में उठाए चीख रहा था।

कहीं कोई जिम्मेदार है? या ये सिर्फ ‘प्रकृति का कहर’ है?
यात्रियों की सुरक्षा, मौसम की निगरानी, और ट्रैक की मजबूती… इन सवालों पर अब जवाब चाहिए

🕯️ उन मासूम आंखों के नाम, जो ताउम्र इस तीर्थ की पवित्रता को नहीं समझ पाएंगी।


📌 Meru Raibar News – जहां संवेदनाएं भी खबर हैं।
✍️ “यात्रा पवित्र है, लेकिन जान की कीमत सबसे ऊपर।”

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