पटना|अमेरिका ने अपने यहाँ इवीएम से चुनाव करवाने का निर्णय इसलिए बदल दिया कि उसे इस बात का डर सताने लगा था कि कहीं उसका चीर प्रतिद्वंदी देश रुस अपने यहाँ से ही इवीएम को हैक कर अपने मनपसंद व्यक्ति को अमेरिका का राष्ट्रपति न बनवा ले| यह कहना है चुनाव सुधार के लिए कार्यरत संस्था “फैक्टर” के राष्ट्रीय संयोजक सह लोकतांत्रिक जनता दल के राष्ट्रीय महासचिव अरुण कुमार श्रीवास्तव का|
आंकित तिवारी
बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के सभागार में आयोजित “इवीएम हटाओ–लोकतंत्र बचाओ ” गोष्ठी में मुख्य वक्ता श्री श्रीवास्तव ने कहा कि जब अमेरिका जैसा शक्तिशाली देश अपने यहाँ इवीएम को त्याग कर बैलेट पेपर से चुनाव कराने लगा तो फिर हमारे देश में इवीएम से चुनाव क्यों? “फैक्टर” संयोजक श्री श्रीवास्तव ने चुनाव सुधार पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आए दिन चुनाव में धनबल का उपयोग बढ़ता चला जा रहा है| चुनाव लड़ना आमलोगों के बूते से बाहर होता जा रहा है| उन्होंने इस ओर गंभीरता से सोचने की बात कही|
दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रतन लाल ने इवीएम के खामियों पर विशेष रुप से प्रकाश डालते हुए कहा कि इवीएम जहाँ बना उसी संस्थान के एक अभियंता को भारत सरकार ने दिल्ली में सार्वजनिक रुप से इवीएम का डेमो देकर यह बताने पर कि इवीएम फूलप्रूफ नहीं है, बर्खास्त कर दिया| श्री लाल के अनुसार उस अभियंता ने बताया कि प्रोग्रामिंग करके कभी भी ( एक दो महीना बाद भी) अपने मन अनुसार इवीएम से रिज़ल्ट हासिल की जा सकती है| श्री लाल ने पूरे देश में इवीएम के खिलाफ आन्दोलन खड़ा करने की जरुरत पर बल देते हुए कहा कि अगर इवीएम पर चुनाव होता रहा तो देश में लोकतंत्र खत्म हो जाएगा|
सुपौल से आए लोजद के नेता विद्याभूषण ने एक छोटा उदाहरण देते हुए बताया कि मोबाइल में अलार्म लगाकर मोबाइल को स्वीच ऑफ कर देने के बाद भी जिस दिन और जिस समय का अलार्म मोबाइल में लगाया गया होता है, उस दिन नियत समय पर अलार्म बजने लगता है| जब एक छोटे से मोबाइल में प्रोग्रामिंग से यह संभव है, तो फिर इवीएम में प्रोग्रामिंग करके मनपसंद पार्टी को क्यों नहीं जिताया जा सकता है| पूर्व विधायक डॉ० विनोद यादव, पूर्व विधान पार्षद और इस लोकसभा चुनाव में औरंगाबाद से “हम” के प्रत्याशी रहे उपेन्द्र प्रसाद, पूर्व विधान पार्षद अजय अलमस्त, समाजसेवी मदन, लोजद के संतोष कुमार, विन्देश्वरी प्रसाद सिंह, फैक्टर के बिहार के संयोजक मनहर कृष्ण अतुल, हाजीपुर से आए विजेन्द्र कुमार, अमरेन्द्र श्रीवास्तव अधिवक्ता, शशि पटेल, डॉ० मुमताजउद्दीन, पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता शैलेन्द्र कुमार, अधिवक्ता अशोक कुमार आदि ने भी अपने विचार रखे|
गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे बिहार विधान सभा के पूर्व अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने इवीएम के खिलाफ पूरे देश में आन्दोलन की जरुरत पर बल देते हुए कहा कि इसके लिए जिलास्तर पर बैठक कर जनमानस को इवीएम की खामियों के बारे में बताना होगा|उन्होंने कहा कि जबतक आमलोग इसके विरोध में खड़ा नहीं होंगे, तबतक सरकार इवीएम के बदले बैलेट पेपर से चुनाव कराने पर तैयार नहीं होगी| गोष्ठी में सर्वसम्मति से श्री चौधरी को अधिकृत किया गया कि वे सभी विरोधी दलों के नेताओं के साथ बैठक करके अभी से ही इवीएम के खिलाफ आन्दोलन खड़ा करने की रुपरेखा तय करें ताकि एक व्यापक आन्दोलन खड़ा करने की दिशा में आगे बढ़ा जा सके| गोष्ठी में इसबात पर एक राय देखी गयी कि केन्द्र सरकार अगर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की बात नहीं स्वीकारती है तो सारे विपक्षी दलों को चुनाव से अपने आप को दरकिनार कर लेना चाहिए|
