सात समंदर पार से अपने देश की चिता करते अमेरिका में भारतीय तनुज भाई पटेल की पहल ।
आंकित तिवारी
नमस्ते,
मेरा नाम तनुज पटेल है और में १५ सालो से अपने माता-पिता, पत्नी और बेटी के साथ Atlanta, U.S.A. में रहता हू | मैंने विभिन्न प्रकार के छोटे और बड़े व्यापार और खाद्य श्रृंखला का व्यवसाय किया है और वर्तमान में फाइनांस कंपनी के साथ काम कर रहा हूँ लेकिन मेरा ज्यादातर समय रूट्स फाउंडेशन के लिए जाता है |
मेरे माता-पिता सेवानिवृत्त हैं और वह अपनी पोती के साथ खुशहाल समय बिता रहे हैं | मेरी पत्नी ने MBA in Finance किया है और वो अभी एक बैंक में काम कर रही है |
बहुत अच्छा जीवन होने के बाद भी में मेरे मातृभूमि को बहुत याद करता रहता था और इसीलिए मैंने रूट्स फाउंडेशन का गठन करके में अपने समाज के लिए कुछ करना चाहता हूँ | एक छोटा लक्ष्य था जिसमे अमेरिका में वृद्धाश्रम में रहने वाले माता-पिता और यहाँ भारतीय समाज में पश्चिमी संस्कृति का चयन हो रहा है उसके खिलाफ लड़ने का | लेकिन शुरुआत में मै जब अमेरिका आया था तब मुझे अपनी भूख मिटाने के लिए जो अपमान सहन किया था वो हमेंशा याद आया करता था | इसलिए मुझे दिल से इच्छा होती थी की मेरे भाई बहेनो के लिए कुछ अच्छा करना है क्योकि मै तो भूखा सो जाता था लेकिन वो भूखे नहीं सोने चाहिए | जहां बच्चों को दिन में एक बार अच्छा और शुद्ध पोषक आहार दिया जा सके | जो भारत में मुझे कुछ अच्छा शुरू करने के लिए प्रेरित करता है। इसलिए मैंने “आहार” नामक एक परियोजना शुरू की है, जहां हम अभी हर दिन 250 से 300 बच्चों को खिलाते हैं और हमारा लक्ष्य २ साल में २ लाख तक पहुंचने का है | और साथ ही अल्ट्रा मॉडर्न इंटरनेशनल स्कूल का निर्माण कर रहे है, जहाँ बस्ती में रहने वाले बच्चो को मुफ्त में शिक्षा मिले और अपना भविष्य बनाए |

इस बीच मैंने Sex Selective Abortion के बारे में सुना था | इसलिए मैंने उस बारे में और अधिक जानकारी लेना शुरू किया, लेकिन तब मुझे एहसास हुआ कि यह मेरी कल्पना की तुलना में बहुत बड़ी समस्या है | और यह समस्या अमेरिका जैसे विकसित देशों तक भी पहुँच गई है | इसलिए मैं सोच रहा था कि, मै समाज में बदलाव कैसे ला सकता हूं, लोगों की मानसिकता को कैसे बदलूं और जब मेरे अपने घर में ही ऐसा अशुभ हुआ तब में हैरान रह गया और टूट गया | लेकिन मैं इस सदमे से बाहर आया और आनंद, गुजरात में एक मल्टी स्पेस्यालिटी अस्पताल बनाने का फैसला किया जिसका अभी निर्माण हो रहा है | इस अस्पताल में जिनको बेटियाँ प्राप्त होती है उन माता-पिता को अस्पताल की तरफ से नि:शुल्क सेवा मिलेगी । और उन्हें बीमा पोलिसी देने की योजना है, जिसमे जब लड़की २१ साल की हो जाती है तो उसे कुछ फंड मिलता है जिसे वह उच्च शिक्षा या किसी और चीज के लिए इस्तेमाल कर सकती है। और इस पहल ” Save Girl Child ” के लिए मेरी संस्था विश्व स्तर पर भी काम कर रही है।

हमने सभी राज्यों में Sex Selective Abortion को रोकने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति को एक विनंती-पत्र दर्ज किया था और लगभग ७ राज्यों ने अमेरिका में गर्भपात को रोकने का फैसला किया है ।
इन सबके बाद भी स्री भ्रूणहत्या / Sex Selective Abortion एक वैश्विक समस्या है। यह लड़कियों और महिलाओं के खिलाफ वैश्विक युद्ध है। यह विश्व के इतिहास में सबसे बड़ा मानव नरसंहार है
वर्तमान में हमारी संस्था ने सूरत गुजरात में एक अस्पताल के साथ चैरिटी पार्टनरशिप की है। वहाँ हमने हमारी इस पहल “Save Girl Child” के समर्थन के लिए जो जरूरतमंद माता-पिता है, जिनके यहाँ बेटी का जन्म हुआ है, उनके लिए अस्पताल का पूरा शुल्क का भुगतान हमारी संस्था करती है |
इसके अलावा, हम महाराष्ट्र में संस्कृति फाउंडेशन नामक संस्था के तहत क्रियाशील है, जहां हम पिछले कई वर्षों से मुफ्त में मोतियाबिंद सर्जरी कर रहे हैं। अब तक हमने लगभग २० हजार से अधिक सर्जरियां करवाई है ।
कई अन्य पहल जैसे की “Save Sparrow” भी शुरू किया है और “वृक्षारोपण” अभियान चलाकर वन मंत्रालय को अपना लक्ष्य प्राप्त करने में मदद कर रहे है ।

समय निकाल के मेरी कहानी पढ़ने के लिए आप सभी का धन्यवाद।
