उत्तरकाशी
गंगोत्री मे मंगलवार साम को भारी गर्जन के साथ बोल्डर सरकने और भूस्खलन से तीर्थ पुरोहित और वह निवासरत साधू सन्यासी खौफ मे है |
गंगोत्री धाम मे एक तरफ से हो रहे घाट निर्माण पर सवाल उठाते हुए तीर्थ पुरोहितो ने कहा था कि इस तरह से गंगोत्री धाम का सिर्फ एक हिस्सा ही सुरक्षित होगा जबकि गंगा पार के दूसरे हिस्से से कटाव सुरू हो जाएगा | उस वक्त न तो आपदा तंत्र ने और न जिला प्रसासन ने इस पर कोई गैर किया| मंगल वार की साम को तेज गर्जना के साथ गंगोत्री धाम के पास वर्षो से पड़ा हुआ विशालकाय बोल्डर अपने स्थान से खिसक गया और थोड़ों देर मे सामने से भूस्खलन के बाद एक और बड़ा बोल्डर गंगा मे गिर गया | करीब 20 मिनट के अंतराल मे हुई इस घटना से इतनी जोर से गर्जना हुई कि धाम के सभी साधू संत और पुरोहितो अपने अपने आवास से बाहर निकल आए |
तीर्थ पुरोहित सतेन्द्र सेमवाल ने बताया कि सोलर लाइट की व्यवस्था हो या दैवी आपदा से सुरक्षा गंगोत्री धाम को लेकर जिला प्रशासन गंभीर नहीं दिखाई देता है |
