सांसद रीता बहुगुणा जोशी के संसदीय इलाके से जल संकट की दुख से भरी पाती।
समाज की जानी मानी हस्तियां विश्वनाथ प्रताप सिंह पूर्व प्रधानमंत्री , जनेश्वर मिश्रा मुलायम सिंह के आदर्श , सिने अभिनेता अमिताभ बच्चन जो इस जगह से सांसद भी रहे , इसके अलावा रीता बहुगुणा जोशी का नाम भी इस इलाके से जुड़ा हुआ है इसके बावजूद यहां के लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं
अंकित तिवारी।
….. प्रयाग राज के विकास खंड शंकर गढ़…. जो कि पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण घोर पेयजल संकट का सामना करना पड़ता है….
1974..मे स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा जी द्वारा कमला पंप के निर्माण से कुछ समस्या का समाधान हुआ किन्तु… उसका लाभ केवल तराई क्षेत्र में ही है और गर्मी के मौसम में नहर बंद हो जाने पर घोर संकट का सामना करना पड़ता है..

अबकी साल है. ग्रामपंचायत नीबी में घोर जल संकट है.. इसके लिए मैं सांसद प्रयाग राज डॉ रीता बहुगुणा जोशी जी कह कर कई टैंकरो से जल आपूर्ति कराई जा रही है…
.. जो हैंडपंप चलते भी हैं उनके पानी लाल रंग के आते हैं.. शंकरगढ बाजार से लगे हुए तमाम गांव….

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कापरी बिहारीया अभयपुर. आमगोदर…
हैंड पंप के पानी की कभी जांच नहीं कराई जाती इसलिए लोगों को संक्रमण का खतरा है।
प्रयागराज जिला के जमुना पार इलाके में मुख्य रूप से शंकरगढ़ ब्लाक कौंधियारा ब्लाक कोराव तहसील के लाल तारा और कोहरार इलाक़े में पानी की तंगी से लोग परेशान हैं दरअसल यह पूरा इलाका पहाड़ी और पथरीला है शंकरगढ़ ब्लाक में तो आलम यह है कि 1 दर्जन से अधिक ट्यूब वेल और हैंडपंप सूख गए हैं ओर यह पहली बार नहीं हुआ है हर बार यही कहानी रिपीट होती है और हालात हर वर्ष पहले से ज्यादा बदतर होते जा रहे हैं ।
इलाके के सामाजिक कार्यकर्ता आशीष कुमार ने बताया रा कोह रार और लाल तारा विश्व बैंक की
परियोजना के अंतर्गत ट्यूबवेल लगाने की प्रयास किया गया किंतु जल निगम के पास अच्छी क्वालिटी की मशीनें नहीं होने से बोरिंग सफल नहीं हो सकी, उन्होंने सुझाव दिया कि तमिलनाडु की तरफ से जो बेहतर उत्तम क्वालिटी की मशीनें आती हैं उन्हें इस पहाड़ी इलाके में खुदाई के लिए प्रयोग किया जाए तो बोरिंग सफल हो सकती है जमुना पार इलाके के जल निगम अधिशासी अभियंता एसपी दुबे ने बताया कि इलाके में कुल 45 टैंकरों से पीने के पानी की सप्लाई की जा रही है जिसमें अकेले शंकरगढ़ ब्लाक में 19 टैंक लोगों की प्यास बुझाने के काम में लगे हुए हैं उन्होंने बताया कि अब तक पेयजल की जितनी भी योजनाएं चल रही हैं वह 20 वर्ष से अधिक पुरानी हो चुकी हैं जिनका रिन्यूअल नहीं हो पा रहा है उन्होंने भरोसा दिलाया कि विश्व बैंक की योजना से नई परियोजनाएं शुरू होने वाली हैं।
शंकरगढ़ इलाके में सर्वे करने के बाद 50
लाख ई परियोजना का प्रस्ताव भेजा गया है उन्होंने जनता से सहयोग की अपेक्षा की है उन्होंने कहा कि जमीन की उपलब्धता नहीं होने की वजह से पानी की सप्लाई में दिक्कत आ रही है उन्होंने बताया कि कोहरार और लाल तारा इलाके में एनटीपीसी के पावर प्रोजेक्ट काम कर रहे हैं लिहाजा एनटीपीसी से पेयजल योजना में सीएसआर मद से काम करने की अपील की गई है ।जबकि शंकरगढ़ इलाका शहर से 20 -25 किलोमीटर दूर है यहां पर विश्व बैंक की गंगा परियोजना के अंतर्गत लोगों की पेयजल सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी

