न्यायमूर्ति शम्भुनाथ श्रीवास्तव ने किया परामर्श व समाधान केन्द्र का उद्घाटन ।
वरिष्ठ पत्रकार आचार्य देवेंद्र चैतन्य को किया सम्मानित।
आंकित तिवारी, गाजियाबाद,।

राजनगर एक्सटेंशन अंचल में मेरठ बाईपास मार्ग पर सिटी फारेस्ट के समीप स्थित श्रीनिजानन्द धाम में परामर्श एवं समाधान केन्द्र का उद्घाटन आज पूर्वाह्नकाल इलाहाबाद हाईकोर्ट के भूपू न्यायाधीश एवं छत्तीसगढ़ के पूर्व प्रमुख लोकायुक्त न्यायमूर्ति शम्भुनाथ श्रीवास्तव ने किया। यह केन्द्र विशेष रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एन.सी.आर.) के निर्बल वर्गों के लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता मुहैया कराएगा। भाग्योदय फ़ाउण्डेशन एवं श्रीजी जागनी ट्रस्ट के प्रयासों से स्थापित समाधान केन्द्र के माध्यम से ग्रामीण व शहरी समाज के लोगों को पृथ्वी, जल, वायु, पर्यावरण आदि में बढ़ रहे प्रदूषण के प्रति आगाह किया जायेगा, साथ ही इस प्रदूषण के कारणों की तलाश करके उनके निदान के उपाय सुझाए जायेंगे। सर्वोच्च न्यायालय के सीनियर एडवोकेट श्री राजेन्द्र वर्मा की अगुवाई में

अधिवक्ताओं की टीम केन्द्र पर अपनी सेवाएँ प्रदान करेगी। समाधान केन्द्र का उद्घाटन करने के बाद जस्टिस शम्भु नाथ श्रीवास्तव ने कहा कि निर्बलों व असहायों की सहायता करना मानव का सबसे बड़ा धर्म है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में उत्तर प्रदेश के तालाबों को पूर्व अवस्था में लाने तथा श्रीमद्भगवद्गीता को राष्ट्रीय ग्रन्थ घोषित करने जैसे कई लोकहितकारी फैसले देने वाले जस्टिस श्रीवास्तव ने एक आध्यात्मिक आश्रम में न्यायिक समाधान केन्द्र की स्थापना हेतु भाग्योदय फ़ाउण्डेशन एवं श्रीनिजानन्द आश्रम के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस देश में गुलामी के काल में भी सन्तों व मठों ने संघर्षपूर्वक भारतीय संस्कृति को बचाया और न केवल स्वदेश बल्कि विदेश में अपने अनुयायियों को भेजकर देव संस्कृति का विस्तार किया।
इस दौरान जज महोदय ने वरिष्ठ पत्रकार आचार्य देवेंद्र चैतन्य को समाज के लिए उनके द्वारा किये गए कार्यो के लिए सम्मानित किया।
उत्तराखण्ड पुलिस शिकायत प्राधिकरण के भी चेयरमैन रह चुके जस्टिस एस.एन.श्रीवास्तव ने कहा कि संवादहीनता हमारे न्यायालयों पर बढ़ते भारी बोझ का बड़ा कारण है। वादी और प्रतिवादी में परस्पर संवाद का अभाव अनेक विवादों को जन्म देता है। उन्होंने अपने न्यायाधीश के कार्यकाल के कई अनुभव सुनाए और कहा कि इस संवादहीनता को आध्यात्मिक व्यक्ति ही दूर कर सकते हैं। अपनी सद्यलिखित पुस्तक पुस्तक ‘भारतीय संस्कृति के रक्षक सन्त’ का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि समझदार सन्तों ने परिवारों एवं समाजों में मुकदमों का जन्म होने और बढ़ने से सदैव बचाया है। परामर्श एवं समाधान केन्द्र के प्रमुख संचालक श्री राजेन्द्र वर्मा एडवोकेट ने कहा कि यह केन्द्र परिवार, समाज और प्रकृति से जुड़े विभिन्न मसलों पर लोगों को विधिक सहायता प्रदान करेगा। उन्होंने इस बात पर दुःख व्यक्त किया कि इन दिनों हमारे न्यायालयों में 80 से 90 प्रतिशत मुकदमें पारिवारिक-विघटन के चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाधान केन्द्र के जरिए प्रयास होगा कि इस क्षेत्र में पारिवारिक वाद न्यायालयों में न जायें।

भाग्योदय फ़ाउण्डेशन के अध्यक्ष व संस्थापक श्री राम महेश मिश्र ने भारत विकास अभियान की रूपरेखा पर प्रकाश डाला और कहा कि राष्ट्र की युवा एवं नयी पीढ़ी में देश भक्ति की भावना को प्रबल किया जा सके तो अनेक समस्याओं का समाधान किया जाना सहज सम्भव है। भारत विकास अभियान के अन्तर्गत इस दिशा में भरसक प्रयास किए जाएँगे। उन्होंने बताया कि निकट भविष्य में मेरठ व सहारनपर मंडलों के ग्रामीण अंचलों में हिंडन के तटवर्ती गाँवों की चेतना यात्रा भी निकाली जाएगी। इस अवसर पर कंफेडरेशन आॅफ कम्प्युनिटी बेस्ड आॅर्गेनाईजेशन के अध्यक्ष डाॅ0 उमेश गौड़ एवं भारतीय किसान यूनियन के विकास कुमार आदि को सम्मानित भी किया गया। न्यायमूर्ति श्रीवास्तव की अध्यक्षता में संरक्षक मण्डल एवं सामाजिक कार्यकर्ता श्री ओम दत्त त्यागी की अगुवाई में सलाहकार मण्डल का गठन भी किया गया।

उद्घाटन कार्यक्रम में पीतमपुरा नयी दिल्ली स्थित श्रीनिजानन्द आश्रम के प्रमुख धर्म प्रचारक भाई विजय जी, ट्रस्ट के अध्यक्ष डाॅ. राधेश्याम कौशिक, वृंदावन के सन्त स्वामी देवेन्द्र चैतन्य, लखनऊ से आये विद्वान आचार्य डाॅ. सप्तर्षि मिश्र, टीएचडीसी ऋषिकेश के पूर्व निदेशक श्री राकेश खरे, गायत्री परिवार पटियाला की सुनीता शर्मा, गायत्री गौधाम प्रमुख स्वामी रवीन्द्र प्रताप, कुटुम्ब संस्था के अध्यक्ष रुद्र प्रताप सिंह, किसान यूनियन के नेता विकास कुमार, दिशा सेवा संस्थान मेरठ के वरिष्ठ पदाधिकारी श्री हुसैन अहमद, दन्त चिकित्सक डाॅ0 गौतम कुमार, आर्किटेक्ट सुनील कुमार, जामनगर गुजरात से आए इंजीनियर अजय शर्मा आदि मौजूद रहे। समारोह की अध्यक्षता निजानन्द आश्रम समूह के वरिष्ठ प्रतिनिधि श्री सुनील माहेश्वरी ने की। धन्यवाद ज्ञापन राष्ट्रीय परमहंस रामरतन महाराज श्रीजी जागनी ट्रस्ट के संस्थापक व संचालक महात्मा सुदीप जी महाराज ने किया।
