🔥 चौमेल में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ शिविर: बसंती को मिला दिव्यांग प्रमाण पत्र, 840 ग्रामीणों को लाभ 🔥
जिलाधिकारी ने मौके पर 140 शिकायतों का किया निस्तारण, जनता को सीधे राहत मिली
चम्पावत, 08 जनवरी 2026 – बसंती के हाथ में पन्नियों का बंडल और आँखों में उम्मीद थी। आज चौमेल के बहुद्देशीय जनसेवा शिविर में उसने अपने दिव्यांग प्रमाण पत्र को थामते हुए घर लौटते समय राहत और खुशी का अनुभव किया।
यह शिविर “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” के तहत आयोजित किया गया, जिसमें जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर तत्काल समाधान दिए गए।

97 शिकायतें सीधे जिलाधिकारी को, मौके पर त्वरित निर्देश
शिविर में कुल 97 से अधिक शिकायतें जिलाधिकारी को सौंपे गए।
जिलाधिकारी ने तुरंत खंड विकास अधिकारी और संबंधित विभागों को निर्देशित किया, जिससे कि समस्या न केवल सुनी जाए बल्कि समाधान भी तुरंत हो।
“हम चाहते हैं कि सरकारी योजनाओं का लाभ हर व्यक्ति तक सीधे पहुंचे, बिना किसी देरी के।” – जिलाधिकारी मनीष कुमार
बसंती और उसके पिता का अनुभव – उम्मीद से मिली राहत
46 वर्षीय गणेश सिंह अपनी 25 वर्षीय बेटी बसंती को लेकर आए थे। बसंती के दिव्यांग प्रमाण पत्र के लिए आवेदन की प्रक्रिया लंबित थी।
जिलाधिकारी ने शिविर स्थल पर ही प्रमाण पत्र बनवाए और प्राथमिकता के आधार पर आवास सहित अन्य सुविधाओं के लिए निर्देश दिए।
“आज मेरी बेटी को मिलने वाला प्रमाण पत्र हमारे लिए उम्मीद की किरण है। हम धन्यवाद देते हैं प्रशासन को।” – गणेश सिंह
सरकारी योजनाओं का व्यापक लाभ – 840 से अधिक ग्रामीणों को राहत
शिविर में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पशुपालन, सहकारिता और महिला बाल विकास सहित कई विभागों ने सेवाएं प्रदान कीं।
- स्वास्थ्य विभाग ने 123 ग्रामीणों का नेत्र परीक्षण और स्वास्थ्य जाँच की।
- आयुष एवं होम्योपैथिक विभाग ने औषधियां वितरित की।
- सहकारिता विभाग और बैंक ने स्वरोजगार एवं ऋण योजनाओं की जानकारी दी।
- कृषि और उद्यान विभाग ने बीज और उर्वरक प्रदान किए।
कुल मिलाकर 840 ग्रामीण नागरिक लाभान्वित हुए।
महिला सशक्तिकरण और बालिका शिक्षा का संदेश
महिला एवं बाल विकास विभाग ने सामूहिक बालिका जन्मोत्सव मनाकर ‘बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ’ अभियान को मजबूती दी।
विद्यालय के विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण और समसामयिक मुद्दों पर प्रदर्शनी लगाकर जागरूकता बढ़ाई।
जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, उपजिलाधिकारी नीतू डांगर, मुख्य शिक्षा अधिकारी और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि
“हमारी प्राथमिकता है कि ग्रामीणों तक सरकारी सुविधाएं सीधे पहुंचे और कोई भी जरूरतमंद पीछे न रहे।”
🔥 निष्कर्ष: सरकारी योजनाएं जब जनता के दरवाजे तक पहुँचें
चौमेल शिविर ने एक बार फिर साबित किया कि सरकारी योजनाएं तभी प्रभावी होती हैं जब वे सीधे लोगों तक पहुँचें।
बसंती की मुस्कान, ग्रामीणों की राहत और त्वरित कार्रवाई इस बात का प्रतीक है कि जन-जन की सरकार, सच में जन-जन के द्वार पहुँच रही है।
