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सेना के खिलाफ पूर्व सैनिकों की नारेबाजी का मतलब?

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पूर्व सैनिकों ने क्यों लगाया सेना पर आरोप?

2 महार रेजिमेन्ट के खिलाफ नारेबाजी।
उत्तरकाशी सीएसडी कैंटीन में सामान और लिकर वितरण में अनियमितता का लगाया आरोप।
बुजुर्ग पूर्व सैनिकों के साथ अभद्रता का आरोप।
गिरीश गैरोला
पूरे देश मे पुलवामा अटैक के बाद पाकिस्तान की सीमा में घुसकर आतंकियों को नेस्तनाबूद करने के बाद भारतीय वायु सेना की जमकर तारीफ हो रही है। पक्ष विपक्ष सभी एयर फोर्स को सैल्यूट कर रहे है वही उत्तरकाशी चीन सीमा पर मौजूद 2 महार रेजिमेंट पर अपने ही देश  के पूर्व सैनिकों ने गंभीर आरोप लगाए है।
गंगोत्री राजमार्ग पर उत्तरकाशी मुख्यालय से दो किमी दूर तेखला के पास पूर्व सैनिकों की सीएसडी कैंटीन मौजूद है जहाँ पूर्व सैनिकों को कार्ड पर ग्रोसरी के साथ शराब भी आबंटित की जाती है।
मंगलवार को पूर्व सैनिकों ने कैंटीन का संचालन कर रही 2 महार रेजिमेंट के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उसे भारतीय सेना की सबसे खराब रेजिमेंट बताते हुए  प्रदर्शन किया। पूर्व सैनिकों ने आरोप लगाया कि कैंटीन में महीने के अंतिम दिनों में समान मंगाया जाता है,  महीने के अंतिम दो दिन कैंटीन बंद रखी जाती है और हर सोमवार को हाफ डे रखा जाता है। फरवरी का  महीना वैसे भी 28 दिन का होता है ऐसे में जब उत्तरकाशी जनपद के सुदूर इलाको से 150 किमी दूर से पूर्व सैनिक कैंटीन पहुँचे तो उन्हें समान नही मिला साथ ही महीना समाप्त होने के बाद उनके हिस्से के शराब भी लेप्स हो जाएगी आगे कैरी फारवर्ड नही कक जाएगी इस बात पर जब कैंटीन संचालकों से पूर्व सैनिकों ने बात करनी चाही तो आरोप है कि बुजुर्ग पूर्व सैनिकों के साथ अभद्रता की गई , तू तड़ाक बात की गई।
2 महार रेजिमेंट के व्यवहार से नाराज पूर्व सैनिकों ने सेना की इस रेजेमेंट के खिलाफ नारेबाजी करते हुए 17 मार्च को 2 महार रेजिमेंट द्वारा किये जाने वाली पूर्व सैनिक रैली का बहिष्कार करने की घोषणा की है।
जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी दीपक डेनियल पंत ने स्वीकार किया कि कुछ महीनों से कैंटीन का सामान देरी से आ रहा है फरवरी महीने में 25 को समान आने के बाद सोमवार 25 फरवरी को हाफ डे और अंतिम दो दिन क्लोजिंग में जाने से दूरदराज से आये पूर्व सैनिकों को परेशानी हुई है उनके हिस्से की शराब अगले महीने नही मिलने से उनमें नाराजी लाजमी है। उन्हें रात भी घर से बाहर रुकना पड़ता है। इसके बाद सैनिक कल्याण अधिकारी ने बताया कि 2 महार के कैंटीन संचालकों को धैर्य रखने की हिदायत दी गयी है।
बहरहाल एक समय देश की सेना के हिस्सा रहे पूर्व सैनिकों के साथ सेना के बिगड़ते रिश्ते कई सवाल खड़े करते है।




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