गंगा बचाओ अभियान के बीच लोग गंगा से बचाओ की भी सुगबुगाहट सुनाई देने लगी है | मामला प्रयागराज जिले का है जहा आंखो के सामने गंगा की तेज लहरों के बीच खेती की जमीन और घर एक एक कर गंगा की आगोश मे समा रहे है | जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो लोग आंदोलन के लिए मजबूर हो गए है |
जनपद प्रयागराज तहसील मेजा ब्लॉक मांडा के अंतर्गत गांव नरवर चौकठा उमापुर आदि गांव के ग्रामीण गंगा के कटान को लेकर दिघीया चौराहा पर क्रमिक अनसन पर बैठे है|

गांव के समाजसेवी तपन सिंह ने बताया की पिछले 20 सालों में कई सौ घर ढह गए कई हजार बीघे जमीन गंगा मे समा गई है | ग्रामीणो के लिए आवास, उचित मुआवजा और पक्का घाट बनाने जाने को लेकर समाजसेवी तपन सिंह पिछले 2 सालों से अपनी बात किसी न किसी रूप मे सरकार तक पंहुचा रहे है, लेकिन कही से भी अभी तक कुछ नहीं हुआ , तपन ने बताया की सांसद विधायक केंद्रीय मन्त्री तक बताया लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है|
प्रयागराज से पत्रकार अंकित तिवारी मे मौके का जायजा लिया
इसी दौरान एक कार्यक्रम मे सामिल होने के लिए सांसद रीता बहुगुणा जोशी यहा पहुची तो मेरु रेबार टीम ने उनसे इस समस्या के बारे मे जानकारी चाहिए तो सांसद तत्काल मौके के लिए रवाना हुई
आगे क्या हुआ इसका कितना असर हुआ आंदोलंकारियों की जुबानी सुनिए
