भविष्य मे आयुर्वेद चिकित्सक भी कर सकेंगे शल्य चिकित्सा – ऐलोपथिक डाक्टरो ने जताया विरोध – आयुर्वेद का विकास नहीं पाटन का जताया अंदेशा

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रुड़की

आयुर्वेद चिकित्सको को सर्जरी की अनुमति का विरोध

रुड़की शहर के एक होटल में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के नगर पदाधिकारियों द्वारा एक प्रेस कांफ्रेस का आयोजन कर बताया कि भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद द्वारा अपने चिकित्सकों (आयुर्वेद चिकित्सक) को अनैतिक अनुमति दिए जाना दुर्भाग्यपूर्ण है, ऐसी स्थिति में सीधे-सीधे आमजन से खिलवाड़ किया गया है, चुकी आयुर्वेद चिकित्सकों के पास सर्जरी की कोई प्रैक्टिस नही होती।

आपको बता दे आई.एम.ए. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के रुड़की नगर अध्यक्ष डॉ. विकास त्यागी ने प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों को बताया CCIIM द्वारा एक राजपत्रिका अधिसूचना के माध्यम से उन शल्य चिकित्सा क्रियाओं की सूची जारी की है जिन्हें CCIIM के चिकित्सक भी कर सकते है, ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने बताया लंबी प्रैक्टिस के बाद एलोपैथिक चिकित्सक अपनी अपनी फ़ील्ड के मुताबिक सर्ज़री करते है लेकिन अब आयुर्वेद चिकित्सकों को तमाम सर्ज़री करने की अनुमति दी गई है, जिससे परेशानियां बढ़ने की पूरी पूरी आशंका है। उन्होंने बताया ऐसे आयुर्वेद को बढ़ावा नही मिलेगा बल्कि आयुर्वेद को पतन लगेगा। उन्होंने साफ तौर पर इस अनुमति का विरोध किया और ऐसे फैसले को वापस लिए जाने की मांग की। उन्होंने बताया यदि जल्द ही कोई निर्णय नही लिया गया तो आगामी 8 दिसम्बर को प्रोटेस्ट किया जाएगा साथ ही आगे चलकर कार्य बहिष्कार भी किया जा सकता है, इस दौरान डॉ. परवीन गोटी और डॉ राम सुभग सैनी भी मौजूद रहे।

डॉ. विकास त्यागी (नगर अध्यक्ष ए.एम.आई.)

ऐलोपैथी और आयुर्वेद मे फिर ठनी – ऑपरेशन नहीं कर सकते आयुर्वेदिक डाक्टर – डॉ विकास त्यागी

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