केदारनाथ कपाट : ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से केदारनाथ तक के बीच सभी तीर्थ स्थलों पर पारंपरिक पूजा के साथ निकलेगी बाबा की डोली यात्रा

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बाबा केदारनाथ डोली।

पिछले वर्ष कोरोना के चलते baba केदार की चल विग्रह उत्सव डोली को वाहन द्वारा सीधे केदारनाथ रवाना किया गया इस दौरान बीच के मंदिरों में परंपरा के अनुसार पूजा नहीं की जा सकी,  जिसको लेकर स्थानीय लोगो के साथ श्रधालुओ में नाराजी देखी गयी थी, लिहाजा इस बार भले ही डोली यात्रा वाहन से निकलेगी किन्तु संभी परम्पराव का पालन करते हुए बीच के सभी तीर्थ स्थलों पर भी नियमानुसार पूजा संपन्न कि जाएगी | जिला प्रशासन और तीर्थ पुरोहितो के बीच इस बात पर सहमती बन चुकी है हालाँकि covid के चलते इस बार आम श्रधालु इस बार कपाट खोले जाने के मौके पर धाम में नहीं जा सकेंगे |

 कई दिनों से चला आ रहा बाबा केदारनाथ की पंचमुखी उत्सव डोली का केदारनाथ प्रस्थान को लेकर आखिरकार प्रशासन व हक-हकूकधारियों के बीच सहमति बन गयी है|  इस साल बाबा केदारनाथ की उत्सव डोली परम्परानुसार तय समय पर विधि विधान के साथ ही केदारनाथ धाम को वाहन से प्रस्थान करेगी, व रास्ते में भक्तों को कोविड़ नियमों के तहत दर्शन व पूजा अर्चनाऐं भी होंगी| दरअसल बीते वर्ष कोविड़ के कारण परम्पराओं का दरकिनार कर बाबा की डोली को वाहन से ही ओमकारेश्वर मंदिर से गौरीकुण्ड के लिए रवाना किया गया था, इस वर्ष हक-हकूकधारी व तीर्थ पुरोहित इसका विरोध कर रहे थे आपको बतादें कि बाबा केदारनाथ के कपाट 17 मई को सुबह 5 बजे शुभ मुहूर्त में विधि विधान व मंत्रोचार के साथ भक्तों के लिए खोले जाने हैं, ऐसे में 14 मई को बाबा केदारनाथ की चल विग्रह पंचमुखी उत्सव डोली ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से वाहन प्रस्थान कर परम्परानुसार निर्धारित स्थानों पर दर्शन व पूर्जा अर्चना के साथ गौरीकुण्ड पहुचेगी व 15 व 16 मई केदारनाथ में ही रात्री विश्राम करेगी, तत्पश्चात 17 मई को सुबह 5 बजे शुभ मुहूर्त में विधि-विधान मंत्रोचार के साथ बाबा केदारनाथ के कपाट खुल जायेगे, हांलाकि इस वर्ष भी कपाट खुलने के दौरान भक्तों को केदारनाथ जाने की अनुमति नही होगी, वह व्यवस्थाओं से जुड़े लोग ही इस पल के गवाह बन सकेंगे।

पवन राणा, हक-हकूकधारी।

सन्तोष त्रिवेद्वि, तीर्थपुरोहित।

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