10 वर्ष पुराने सभी डीजल चलित वाहन प्रतिबंधित – कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को पांच सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन

Share Now

देहरादून। उत्तराखण्ड विक्रम, ऑटो रिक्शा परिवहन महासंघ के अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत एवं संघ के महामंत्री इन्द्रजीत कुकरेजा के संयुक्त नेतृत्व मेें उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा को पॉच सूत्रीय मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर करन माहरा ने संघ के उक्त महत्वपूर्ण मांगों का समर्थन करते हुए सरकार के इस अव्यवहारिक निर्णय का कड़े शब्दों में आलोचना की है। उन्होेंने कहा है कि सरकार ने 10 वर्ष से अधिक पुराने ऑटो, विक्रमों को 1 मार्च 2023 से एवं अन्य सभी डीजल चलित वाहनों को 31 दिसम्बर 2023 को समाप्त करने का निर्णय लिया है जिसका कांग्रेस पार्टी विरोध करती है।
उन्होंने सरकार की मनसा पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहलेे से ही कोरोना के कारण दो वर्ष तक विक्रम ऑटो रिक्शा चालकोें को बेरोजगारी का दंश झेलना पड़ा है। उसके बावजूद भी राज्य सरकार जबरन इस तरह का निर्णय लेकर क्या संदेश देना चाहती है? उन्होंने कहा कि महासंघ ने देहरादून में प्रदर्शन कर राज्य सरकार को चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र इस जन विरोधी निर्णय को वापस नही लिया गया तो एक बार फिर प्रदर्शन के माध्यम से सरकार को उखाड़ने का काम करेगी। उन्हांेने कहा कि सरकार की वर्तमान ऑटो विक्रम एवं डीजल चालित वाहनांे को बन्द करने से प्रदेश के हजारांे लोग बेरोजगार होने की कगार में हैं। सरकार का यह निर्णय न्यायोचित नही है।
श्री माहरा ने कहा कि सरकार ने वर्तमान में विक्रम की अवधि 7 वर्ष एवं सीटी बसों की अवधि 15 वर्ष रखी है जो कि निराधार है। उन्होंने कहा जबकि उच्च न्यायालय के सिंगल व डबल वैंच ने सरकार के इस अव्यवहारिक निर्णय को निरस्त किया है। परन्तु सरकार उच्च न्यायालय के आदेशों का भी पालन नही कर रही है। जिससे ऑटो चालक संगठन सड़कांे पर उतरकर अपनी न्यायोचित मांगों को लेकर संघर्ष करने को मजबूर है। श्री माहरा ने कहा कि सरकार खुलेआम कानून का मखौल उड़ा रही है। उन्होंने ने कहा कि कोराना काल मेें ऑटो व सीटी बसों के मालिकों ने अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए जनता की सेवा की है तथा अधिकांश ऑटो/विक्रम/सीटी बस मालिकों ने बैंकों से ऋण लेकर वाहन खरीदे हुए हैं, वर्तमान में उन्हें किश्त चुकाने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कोरोना काल के दौरान सरकार द्वारा इन वाहन मालिकों को कोई भी सहायता नही दी गई हैं। अब जब सामान्य स्थिति है तब सरकार इस तरह का तुगलगी फरमान जारी कर अपनीे हठधर्मिता का परिचय दे रही है, जो कि अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस वाहन मालिकों के ऊपर हो रहे अत्याचार का पुरजोर विरोध करती है तथा सरकार से पुरानी परिवहन नीति ही लागू करने की मांग करती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!