BREAKING NEWS

अमृत महोत्सव – सीएम उत्तराखंड

सबका साथ सबका विकास – 200 करोड़ का राहत पैकेज

राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 11 सितंबर को

383

देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देशानुसार जनपद देहरादून के विभिन्न न्यायालयों में लम्बित वादों की संख्या को कम करने हेतु एवं पक्षकारों को सौहार्थपूर्ण वातावरण में वादों के निस्तारण हेतु लोक अदालतों का आयोजन समय-समय पर किया जाता है, जिसमें बिना किसी मन-मुटाव के आपसी रजामन्दी के वादोें का निस्तारण किया जा सकेें एवं पक्षकार खुशी-खुशी अपने वादों को कम समय में निस्तारित कर लाभान्वित हो सकें। उक्त लोक अदालतों में काफी कम खर्चे पर वादों को निस्तारित किये जाने हेतु नियत किया जाता है, जिससे गरीब वर्ग भी अपने वादों को कम खर्च एवं कम समय में सौहार्थपूर्ण वातावरण में निस्तारित कर लाभान्वित होते हैं। उक्त लोक अदालत मंे निस्तारित वादों मंे पक्षकारों को यह भी फायदा मिलता है कि न्यायालय द्वारा निस्तारित वादों में किया गया फैसला अन्तिम होता है, जिसकी कही कोई अपील नहीं की जा सकती है, तथा उन वादों में लगायी गयी कोर्ट फीस भी वापसी हो जाती है। सिविल जज (सी0डि0) व सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नेहा कुशवाहा ने बताया कि जनपद देहरादून की समस्त न्यायालयों में समस्त प्रकृति के मुकदमों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किये जाने हेतु 11 सितम्बर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाना सुनिश्चित किया गया है। जिसमें फौजदारी के शमनीय वाद, राजस्व सम्बन्धित वाद, धारा 138 एन.आई.एक्ट से सम्बन्धित वाद, विधुत एवं जलकर बिलों के मामलें, मोटर दुर्घटना प्रतिकर सम्बन्धित वाद, वेतन-भत्तों एवं सेवानिवृत्ति से सम्बन्धित वाद, वैवाहिकध्कुटुम्ब न्यायालयों के वाद, धन वसूली से सम्बन्धित वाद, श्रम सम्बन्धित वाद, भूमि अर्जन के वाद, दीवानी वाद  अन्य ऐसे मामले जो सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित हो सके। प्रकार के अधिक से अधिक वादों को राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित किये जाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि जो पक्षकार अपने वादों को राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित करवाना चाहते है, वह सम्बंधित न्यायालय, जहाँ उनका मुकदमा लम्बित है, में स्वयं या अधिवक्ता के माध्यम से प्रार्थनापत्र (भौतिक या आॅनलाईन) देकर अपने वाद राष्ट्रीय लोक अदालत के लिये नियत करवा सकते हंै।




Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!