ऋषिकेश : कोंग्रेसी नेताओ पर एफ़आईआर – बीजेपी विधायक को क्यो लगा झटका?

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ऋषिकेश थाने मे महात्मा गांधी का पसंदीदा भजन रघुपति राघव राजा राम की धुन सुनकर पुलिस की बदलती छवि का अनुमान मत लगाईए बल्कि उसकी मजबूरी को समझने का प्रयास कीजिये |

क्या उत्तराखंड कि पुलिस नेताओ कि दबाव मे काम करती है ?

थाने के बाहर काँग्रेस कार्यकर्ता भजन गा रहे है | भजन गाने से पहले ये लोग ऊर्जा निगम के दफ्तर का घेराव कर चुके है और सड़क पर स्थानीय विधायक का पुतला भी फूँक चुके है |

आरोप है कि ऋषिकेश मे बिजली विभाग को विद्धुत पोल पर लगे पोस्टेरो की  चिंता सताने लगी है और इस अभियान मे उन्होने कोंग्रेसी नेता जयेन्द्र रमोला के खिलाफ थाने मे एफ़आईआर दर्ज करवा दी है, आरोप है कि बिजली के पोल पर लगे उनके प्रचार से सरकारी संपत्ति को नुकसान हुआ है और पोल पर चढ़ने मे दिक्कत हो रही है साथ ही लाइन मैन को भी करंट लगने  का खतरा बना हुआ है |

आरोपी कोंग्रेसी नेता ने इस कदम का स्वागत किया है,  साथ ही एक ही देश मे दो कानून पर सवाल उठाए है, पक्ष के लिए एक कानून और विपक्ष के लिए दूसरा ?

 उन्होने कहा कि पोल पर अन्य सत्ता पक्ष से जुड़े  वीआईपी नेताओ के पोस्टर लगे हुए है,  उनपर एफ़आईआर कब दर्ज होगी ?

उन्होने आरोप लगाया कि ऋषिकेश विधायक और विधान सभा अध्यक्ष के दबाव मे पुलिस ने बिना जांच के उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, इससे पहले भी राजनैतिक शत्रुता के चलते अन्य कोंग्रेसी नेताओ पर भी एफ़आईआर हो चुकी  है |

गुस्साये कॉंग्रेस कार्यकर्ताओ ने बिजली  विभाग के कार्यालय का घेराव करने के बाद सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया और विधान सभा अध्यक्ष का पुतला फूंका |

दरअसल मिशन 2022 को लेकर कांग्रेस और बीजेपी नेताओं की एक दूसरे के लिए कड़वाहट सड़क पर दिखने लगी है, ऋषिकेश विधानसभा में विकास कार्यों को लेकर सत्ता से जुड़े विधायक की पोल खोल रहे कांग्रेसी नेता से निपटने का जो तरीका अपनाया जा रहा है, उसे मतदाता भी बारीकी से गौर कर रही है |

पोल पर चढ़ने वाले लाइन मैन को खतरा हो या नहीं पर लगता है सत्ता पक्ष के विधायक को इसका करंट जरूर लाग्ने वाला है

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