पहाड़ी नाबालिग लड़की भगाने का मामला – किन्नर ने भी सुनाई खरी खोटी

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क्या शिव नगरी उत्तरकाशी की डेमोग्राफी चेंज हो रही है?

क्या एक वर्ग विशेष के लोगों को खास मकसद के के साथ बसाया जा रहा है ?

क्या स्थाई निवास प्रमाण पत्र और आधार कार्ड बनाने में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है ?

यह तमाम सवाल हैं जो अब स्थानीय लोगों के मन में घर कर गए हैं

 

दरअसल उत्तरकाशी जिले के पुरोला में 26 मई को एक समुदाय विशेष के युवक द्वारा नाबालिक लड़की को बहला-फुसलाकर भगाए जाने की खबर के बाद उत्तरकाशी जिले के अलग-अलग कस्बों में व्यापारियों के साथ आम लोगों में आक्रोश दिखाई पड़ रहा है

 इसी कड़ी में उत्तरकाशी जिले मुख्यालय में भी लोगों का गुस्सा सड़कों पर उतरा स्थानीय व्यापारियों के साथ विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता भी बाजार बंदी के बाद  सड़क पर उतरे उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों पर आरोप लगाया कि बिना जांच पड़ताल के बाहरी लोगों को आधार कार्ड और स्थाई निवास प्रमाण पत्र जारी किया जाता है

 इतना ही नहीं एक वर्ग विशेष के लोगों को यहां बसाने में भी नियमों को ताक पर रखा जाता है जबकि स्थानीय लोगो को अतिक्रमण के नामपर परेसान किया जाता है

पुरोला में नाबालिग लड़की को भगाने के मामले को जिहादी मानसिकता बताते हुए स्थानीय लोगों ने सड़क पर प्रदर्शन करते हुए डीएम के माध्यम से ज्ञापन भेजा और यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की मांग की

साथ ही जिहादी मानसिकता के लोगों को चिन्ही करण कर नगर से बाहर करने की मांग भी की है सड़क पर लोगों के गुस्से को देखते हुए जिला प्रशासन के हाथ-पांव फूल  गए पुलिस सुरक्षा के बीच डीएम उत्तरकाशी अभिषेक रोहिल्ला ने ज्ञापन तो लिया लेकिन वह भीड़ को कुछ खास आश्वासन नहीं दे पाए शहर में कानून व्यवस्था बनी रहे इसके लिए पुलिस ने सड़क पर फ्लैग मार्च  किया

एसपी उत्तरकाशी अपर्ण  यदुवंशी ने बताया कि आरोपी पर पोक्सो एक्ट के अलावा कई अन्य धारा मे अब मामला दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया गया है फिलहाल उत्तरकाशी जिला मुख्यालय में बाजार बंद के साथ लोगों में एक समुदाय विशेष को लेकर गुस्सा साफ देखा जा रहा है

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